केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10 के छात्रों के लिए दूसरी बोर्ड परीक्षा 2026 से जुड़ी अहम जानकारी जारी की है। इसके साथ ही स्कूलों को उम्मीदवारों की सूची (LOC) जमा करने की तारीखें और नए दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत छात्रों को अब अपने अंकों में सुधार का अतिरिक्त मौका मिलेगा। जो छात्र अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं, वे अधिकतम तीन विषयों में दोबारा परीक्षा दे सकेंगे। यह परीक्षा मई 2026 में आयोजित की जाएगी।
सीबीएसई के अनुसार, एलओसी जमा करने की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी:
- पहला चरण: 18 मार्च से 31 मार्च 2026
- दूसरा चरण: रिजल्ट जारी होने के बाद 5 दिनों की विंडो
- तीसरा चरण: रिजल्ट के 7 दिन बाद 2 दिनों की लेट फीस विंडो
हर चरण में स्कूलों को निर्धारित समयसीमा के भीतर ऑनलाइन शुल्क जमा कर प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अंतिम दिन रात 12 बजे के बाद कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बोर्ड ने सेकेंड एग्जाम के लिए फीस भी तय कर दी है:
- भारत के छात्रों के लिए: 320 रुपये प्रति विषय (तीन विषयों के लिए 960 रुपये)
- नेपाल के छात्रों के लिए: 1100 रुपये प्रति विषय
- अन्य देशों के छात्रों के लिए: 2200 रुपये प्रति विषय
यदि समयसीमा चूक जाती है, तो 2000 रुपये की लेट फीस देनी होगी।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (CBSE) के अनुसार, कक्षा 10 की दूसरी बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:
- छात्र ने पहली बोर्ड परीक्षा में कम से कम 3 विषयों में परीक्षा दी हो
- सुधार (Improvement) परीक्षा के लिए कक्षा 10 पास होना अनिवार्य है।
- कंपार्टमेंट श्रेणी में आने वाले छात्र पात्र हैं।
- जो छात्र 6वें विषय के माध्यम से पास हुए हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं।
- UFM कैटेगरी-1 (अनुचित साधन) में आए छात्र, यदि अन्य शर्तें पूरी करते हैं, तो पात्र होंगे।
- 2025 परीक्षा में कंपार्टमेंट आए छात्र भी शामिल हो सकते हैं।
इस पहल का उद्देश्य छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम करना और उन्हें बेहतर प्रदर्शन का अवसर देना है। सीबीएसई ने स्कूल प्रिंसिपलों को निर्देश दिया है कि वे छात्रों और अभिभावकों को इस नई व्यवस्था के बारे में सही जानकारी दें। यह भी स्पष्ट किया जाए कि किन छात्रों के लिए सेकेंड एग्जाम देना फायदेमंद रहेगा। बोर्ड ने यह भी कहा है कि परीक्षा केंद्र सीमित हो सकते हैं, ऐसे में कुछ छात्रों को नजदीकी शहरों में जाकर परीक्षा देनी पड़ सकती है। इसलिए स्कूलों को पहले से सभी जानकारी साझा करने के निर्देश दिए गए हैं।

