पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी में बगावत तेज हो गयी है. लोकसभा में टीएमसी की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया, जबकि दो पार्षद सुशांत घोष और अरुप चक्रवर्ती ने पार्टी से नाता तोड़ने का ऐलान किया. काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी नेतृत्व से अपनी निराशा सबके सामने जाहिर करने के कुछ दिनों बाद बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के सभी सांगठनिक पदों से इस्तीफा दे दिया. उनका यह फैसला तब आया,जब वे कल्याणी में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की प्रशासनिक समीक्षा बैठक में शामिल हुईं, जबकि कथित तौर पर पार्टी ने उन्हें इसमें शामिल न होने के निर्देश दिए थे. दस्तीदार टीएमसी की महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष थीं और पार्टी के बंग जननी प्रोग्राम से जुड़ी थीं. सूत्रों ने बताया कि टीएमसी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को लिखे एक पत्र में, बारासात से चार बार की सांसद ने पार्टी में सभी सांगठनिक पदों से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी को बता दिया है कि वे अब इन भूमिका में नहीं रह पाएंगी. सोमवार की प्रशासनिक बैठक के बाद सीएम अधिकारी ने दावा किया कि टीएमसी सांसद ने उनसे कहा था कि उन्हें आखिरकार आजादी मिल गई है. इस बात ने इवेंट में उनकी मौजूदगी को लेकर सियासत में चर्चा को और हवा दे दी. दूसरी ओर, तृणमूल पार्षद सुशांत घोष और अरूप चक्रवर्ती ने भी कोलकाता नगर निगम में टीएमसी का पद छोड़ने का ऐलान किया. इससे पहले देवलीना बिस्वास ने चेयरमैन के पद से इस्तीफा दे दिया था और अब सुशांत और अरूप ने पद छोड़ दी. सुशांत घोष ने बोरो नंबर 12 के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया है. इसके अलावा, अरूप चक्रवर्ती ‘म्युनिसिपल अकाउंट्स कमेटी’ का पद छोड़ रहे. हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, सिर्फ देवोलीना-अरूप या सुशांत ही नहीं, बल्कि कई और लोग भी इस्तीफा दे सकते हैं. ममता बनर्जी मंगलवार ने पार्षदों के साथ मीटिंग की थी. तृणमूल सुप्रीमो ने उन्हें कड़ी मेहनत करने का आदेश दिया थी. हालांकि, अगले ही दिन इसका उल्टा हुआ और पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया.

By UJAGAR

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