पश्चिम बंगाल की राजनीतिक फिजां में एक बार फिर विकास के मुद्दों को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि टीएमसी की घोर उदासीनता और राजनीतिक द्वेष के कारण बंगाल का विकास पूरी तरह थम गया था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण और जनहितैषी विकास परियोजनाओं को राज्य में जानबूझकर लागू नहीं होने दिया गया, जिसके चलते तेजी से विकसित हो रहे कई इलाके आज अनियोजित शहरीकरण (Unplanned Urbanization) की मार झेल रहे हैं। शनिवार को सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए शमिक भट्टाचार्य ने आंकड़ों के साथ टीएमसी सरकार को घेरा। उन्होंने लिखा, “पश्चिम बंगाल में विकास के बड़े अवसरों को टीएमसी सरकार की उदासीनता के कारण हाथ से जाने दिया गया। साल 2016 में ही केंद्र सरकार ने राज्य के 780 ‘सेंसस टाउन’ (Census Towns) को शहरी प्रशासन के दायरे में लाकर उनका सुनियोजित विकास करने का प्रस्ताव दिया था। इस योजना के तहत केंद्रीय वित्तीय सहायता से इन क्षेत्रों में बेहतरीन सड़कें, आधुनिक जल निकासी (ड्रैनेज), शुद्ध पेयजल, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाएं मजबूत की जानी थीं, लेकिन राज्य सरकार की अनिच्छा के कारण यह योजना जमीन पर नहीं उतर सकी।” भाजपा नेता ने कहा कि केंद्रीय मदद को ठुकराने का नतीजा यह हुआ कि तेजी से आबादी वाले क्षेत्र बन रहे ये कस्बे आज भी बुनियादी सुविधाओं और आधुनिकता से कोसों दूर हैं। ये इलाके आज भी अनियोजित ढंग से बढ़ रहे हैं, जिससे आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शमिक ने साफ शब्दों में कहा, “राज्य के लोग अब खोखली राजनीति नहीं, बल्कि धरातल पर वास्तविक विकास चाहते हैं।” राज्य में नवगठित भाजपा सरकार के इरादों को स्पष्ट करते हुए शमिक भट्टाचार्य ने वादा किया कि अब विकास के अवसरों को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “अब राज्य में आ चुकी हमारी ‘डबल इंजन सरकार’ केंद्र की राशि, सटीक योजना और आधुनिक तकनीक का सही तालमेल बनाकर पश्चिम बंगाल को एक आधुनिक, साफ-सुथरे और रहने योग्य शहरी व्यवस्था की ओर तेजी से आगे ले जाएगी।”उन्होंने भरोसा जताया कि नई सरकार के सही और पारदर्शी फैसले ही आने वाले समय में एक उन्नत और आत्मनिर्भर पश्चिम बंगाल का निर्माण करेंगे।
