अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को कोलकाता मे भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में योग दिवस का मुख्य आयोजन रेड रोड पर होगा। पहले कार्यक्रम को लेकर ब्रिगेड परेड ग्राउंड और रेड रोड के बीच संशय बना हुआ था, लेकिन अब रेड रोड को अंतिम रूप दे दिया गया है। राज्य में अगले कुछ दिनों तक आंधी और बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने रेड रोड को कार्यक्रम के लिए अधिक उपयुक्त माना है। अधिकारियों का कहना है कि बारिश की स्थिति में ब्रिगेड मैदान में जलभराव हो सकता है, जिससे योगाभ्यास में परेशानी हो सकती है। इसी कारण कार्यक्रम को रेड रोड पर आयोजित करने का फैसला लिया गया। शनिवार को स्वास्थ्य भवन मे स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम, सचिव सरोद द्विवेदी, डीजी आयुष दिव्या लोगानाथन और आयुर्वेद निदेशक देबाशीष घोष की मौजूदगी में समीक्षा बैठक हुई। बैठक के बाद अधिकारियों ने बताया कि लगभग 30 हजार लोग प्रधानमंत्री मोदी के साथ योगाभ्यास कर सकेंगे। योग प्रशिक्षकों के चयन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। पहला चरण सॉल्ट लेक स्थित साई (SAI) केंद्र में पूरा किया जा चुका है। चयन का दूसरा चरण रविवार को जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्य कार्यक्रम मे शामिल होने वाले प्रतिभागियों के चयन की जिम्मेदारी कोलकाता पुलिस को सौंपी गई है। सूत्रों के मुताबिक, संघ की शाखा क्रीड़ा भारती के माध्यम से कई संस्थानों ने भागीदारी के लिए आवेदन किया है। स्वास्थ्य विभाग ने घोषणा की है कि रविवार सुबह योगसंगम पोर्टल के माध्यम से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। केंद्र सरकार का लक्ष्य मुख्य योग दिवस से पहले योग के क्षेत्र में विश्व रिकॉर्ड स्थापित करना है। डीजी आयुष दिव्या लोगानाथन ने बताया कि अभियान मे शामिल होने के इच्छुक लोग 1800 315 7008 नंबर पर मिस्ड कॉल देकर पंजीकरण कर सकते हैं। मिस्ड कॉल देने वाले नंबर पर व्हाट्सऐप सक्रिय होना जरूरी है। इसके बाद भेजे गए लिंक के माध्यम से पंजीकरण प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। राज्यभर के स्कूलो, कॉलेजो, आवासीय परिसरों और सरकारी संस्थानों को योगसंगम अभियान में शामिल होने का आह्वान किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यदि गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनता है तो सभी प्रतिभागियों को अलग-अलग प्रमाणपत्र भी दिए जाएंगे। सचिव सरोद द्विवेदी ने कहा कि समय भले ही कम हो, लेकिन तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ना, विश्व रिकॉर्ड बनाना और 21 जून के कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाना है।

By UJAGAR

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