तृणमूल कांग्रेस की पार्षद अनन्या बंद्योपाध्याय ने अलीपुर पुलिस कोर्ट में आत्मसमर्पण कर अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की है। जानकारी के अनुसार, 2026 विधानसभा चुनाव के बाद पंचसायर थाने में कई शिकायतें दर्ज हुई थीं। इन शिकायतियों में भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों में कथित तोड़फोड़ और हमला किए जाने का आरोप लगाया गया था। भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि चुनाव के बाद हुई हिंसा में तृणमूल समर्थित तत्व शामिल थे। साथ ही अनन्या बंद्योपाध्याय के समर्थकों पर भी घटना में शामिल होने के आरोप लगाए गए हैं। इसी मामले में संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए पार्षद ने अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की। दूसरी ओर, कोलकाता नगर निगम के 109 नंबर वार्ड स्थित तृणमूल कार्यालय को लेकर नया राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। भाजपा का दावा है कि कार्यालय से नगर निगम में नियुक्तियों से संबंधित सूची और दस्तावेज बरामद हुए हैं। भाजपा नेताओं का आरोप है कि इन दस्तावेजों से यह संकेत मिलता है कि कुछ विभागों में पार्टी से जुड़े लोगों को प्राथमिकता देकर नौकरी दी गई। भाजपा ने यह भी दावा किया है कि वार्ड कार्यालय से बड़ी मात्रा में राहत सामग्री, साड़ियां, तिरपाल, लाइट और पंखे बरामद हुए हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकारी संसाधनों का उपयोग राजनीतिक गतिविधियों के लिए किया गया। मुकुंदपुर के एक भाजपा कार्यकर्ता ने दावा किया कि कार्यालय में ऐसी सूचियां मिली हैं जिनमें यह दर्ज है कि इलाके में किसे काम दिया जाएगा। उनका आरोप है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) और स्वास्थ्य विभाग में पार्टी से जुड़े लोगों की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज भी वहां मौजूद थे। सभी आरोपों को खारिज करते हुए अनन्या बंद्योपाध्याय ने कहा कि संबंधित कार्यालय कोलकाता नगर निगम का कार्यालय है और 8 जून के बाद से वह वहां नहीं गई हैं। उन्होंने कहा कि कार्यालय की चाबी उनके पास नहीं रहती और वहां मौजूद दस्तावेजों या सामान के बारे में नगर निगम ही बेहतर जानकारी दे सकता है। एक तरफ चुनाव बाद हिंसा के आरोपों में अग्रिम जमानत की अर्जी और दूसरी तरफ वार्ड कार्यालय से कथित दस्तावेजों की बरामदगी के दावे ने कोलकाता की राजनीति को गर्मा दिया है। मामले को लेकर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस आमने-सामने हैं।

By UJAGAR

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *