पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य चुनाव आयोग में लंबे समय से खाली पड़े महत्वपूर्ण पद को भरते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कृष्ण गुप्ता को नया राज्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया है। वह अब तक सहकारिता विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में कार्यरत थे। उनकी नियुक्ति को आगामी नगर निकाय चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि राज्य में इस वर्ष के भीतर नगर निगम और नगरपालिका चुनाव कराए जा सकते हैं। ऐसे में नए राज्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य चुनाव आयोग ही शहरी निकायों और पंचायत चुनावों के संचालन की जिम्मेदारी संभालता है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में कहा था कि दिसंबर तक कोलकाता नगर निगम में नई निर्वाचित बोर्ड का गठन किया जाएगा। हावड़ा समेत अन्य शहरी निकायों में भी चुनावी प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है। सरकार का कहना है कि स्थानीय निकायों को लंबे समय तक प्रशासकों के भरोसे नहीं चलाया जाएगा। राज्य के पूर्व चुनाव आयुक्त राजीव सिन्हा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह पद करीब एक वर्ष से खाली था। इस दौरान आयोग के प्रशासनिक कार्य सचिव स्तर से संचालित किए जा रहे थे। अब कृष्ण गुप्ता की नियुक्ति के साथ आयोग को पूर्णकालिक नेतृत्व मिल गया है। नगर निकाय चुनाव से पहले सरकार वार्ड परिसीमन की प्रक्रिया पूरी करना चाहती है। मुख्यमंत्री का मानना है कि कई वार्डों में मतदाताओं की संख्या में बड़ा अंतर है, जिससे प्रतिनिधित्व का संतुलन प्रभावित होता है। इस प्रक्रिया की निगरानी और क्रियान्वयन में राज्य चुनाव आयोग की अहम भूमिका होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि कृष्ण गुप्ता की नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं है, बल्कि आगामी चुनावी कार्यक्रमों को गति देने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले महीनों में राज्य की चुनावी गतिविधियों में तेजी देखने को मिल सकती है।

By UJAGAR

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