पश्चिम बंगाल की सियासत में 21 जुलाई के शहीद दिवस समारोह को लेकर नया कानूनी मोड़ सामने आया है। धर्मतला में सभा आयोजित करने की अनुमति नहीं मिलने के बाद तृणमूल कांग्रेस ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी की ओर से राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने शुक्रवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर की। तृणमूल कांग्रेस ने अपनी याचिका में कहा है कि पार्टी ने पहले ही कोलकाता पुलिस से धर्मतला स्थित विक्टोरिया हाउस के सामने 21 जुलाई की सभा आयोजित करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। इसी कारण पार्टी को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ में होगी। गौरतलब है कि कोलकाता पुलिस ने धर्मतला सहित मध्य कोलकाता के विस्तृत इलाके में 2 जुलाई से 30 अगस्त तक 60 दिनों के लिए किसी भी प्रकार के सार्वजनिक जमावड़े पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। ऐसे में तृणमूल की प्रस्तावित सभा को लेकर प्रशासन और पार्टी के बीच गतिरोध बना हुआ है। धर्मतला में 21 जुलाई के आयोजन को लेकर हाईकोर्ट में पहले से एक अदालत की अवमानना का मामला भी लंबित है। आरोप है कि वर्ष 2018 में हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद वर्ष 2025 में तृणमूल ने विक्टोरिया हाउस के सामने पूरी सड़क घेरकर शहीद दिवस का आयोजन किया था।अदालत की अवमानना से जुड़े इसी मामले में हाईकोर्ट ने 19 जून को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को नोटिस जारी किया था। बाद में अदालत ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस मामले में हलफनामा दाखिल करने का भी निर्देश दिया। अब 21 जुलाई की सभा को लेकर दायर नई याचिका पर हाईकोर्ट के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं।

By UJAGAR

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