पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को कोलकाता के अल्बर्ट रोड स्थित ISKCON मंदिर में ‘छेरा पहंरा’ की पवित्र रस्म निभाई और भगवान जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचकर 55वीं वार्षिक रथ यात्रा की शुभ शुरुआत की। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने सबसे पहले राधा माधव की भावपूर्ण आरती उतारी। इसके बाद उन्होंने सोने की झाड़ू से रथ के मार्ग की सफाई कर छेरा पहंरा रस्म पूरी की। इसके पश्चात सैकड़ों भक्तों के साथ मिलकर उन्होंने रथ की रस्सी खींची, जो भगवान जगन्नाथ की यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है। इस अवसर पर सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “श्रीला प्रभुपाद ने रथ यात्रा और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को 100 से ज्यादा देशों में फैलाने में अहम भूमिका निभाई। एक राष्ट्रवादी और सनातनी होने के नाते, मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मैं कोलकाता में इस यात्रा की शुरुआत कर रहा हूं, जिसका हजारों भक्त इंतजार कर रहे थे।” उन्होंने आगे कहा कि कोलकाता में श्रीला प्रभुपाद के घर को हेरिटेज साइट घोषित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने ISKCON की सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा, “ISKCON स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में बड़ा योगदान देता है। हम उनके साथ मिलकर काम करेंगे।” जगन्नाथ रथ यात्रा भारत के सबसे प्राचीन और भव्य धार्मिक उत्सवों में से एक है। इस दौरान भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भव्य रथों पर सवार होकर गुंडिचा मंदिर (मौसी का घर) की यात्रा करते हैं। इस दौरान लाखों भक्त रथ खींचकर दैवीय आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। कोलकाता में ISKCON की यह 55वीं रथ यात्रा है, जबकि पुरी में इस वर्ष 149वीं रथ यात्रा 16 जुलाई को शुरू हुई है, जो 24 जुलाई को बहुड़ा यात्रा के साथ समाप्त होगी। इस अवसर पर कोलकाता में भक्तों में भारी उत्साह देखा गया। रथ यात्रा के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, कीर्तन और प्रसाद वितरण का आयोजन भी किया गया। মিড-ডে মিল নিয়ে রাজ্য সরকারের সাম্প্রতিক সিদ্ধান্তে সমালোচনা কম হয়নি। রাজ্য সরকার ইসকনকে দায়িত্ব দেওয়ার কথা ঘোষণা করায় বিরোধীদের তরফ থেকে বলা হচ্ছিল বাচ্চারা ডিমের পুষ্টি থেকে বঞ্চিত হবে। তবে সেই সব সমালোচনা যে তিনি আমল দিচ্ছেন না, তা স্পষ্ট করে দিলেন মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী। বৃহস্পতিবার কলকাতার ইসকন মন্দিরে 71 তম রথযাত্রা উৎসবে যোগ দেন তিনি। সেখানেই ইসকনের হাতে কলকাতার একটা বড় অংশের সরকারি স্কুলের মিড-ডে মিলের দায়িত্ব তুলে দেওয়া নিয়ে মুখ খোলেন মুখ্যমন্ত্রী। বুঝিয়ে দেন, নিজের অবস্থান থেকে একচুলও সরছেন না তিনি। মূলত, গরীব ও মধ্যবিত্ত পরিবারের ছাত্রছাত্রীদের পুষ্টির কথা মাথায় রেখেই যে সরকার এই পদক্ষেপ করেছে, সে কথাও স্পষ্ট করে দিয়েছেন শুভেন্দু। এ দিন ইসকন মন্দিরে দাঁড়িয়ে সংবাদমাধ্যমের মুখোমুখি হন মুখ্যমন্ত্রী। মিড-ডে মিলের গুণমান বৃদ্ধি এবং স্বচ্ছতা নিয়ে কড়া বার্তা দেন তিনি। আগামী 5 অগস্ট থেকেই নতুন এই ব্যবস্থা চালু হতে চলেছে বলে জানিয়েছেন তিনি। এ প্রসঙ্গে তাঁর মন্তব্য, “মিড-ডে মিল নিয়েও আগামী 5 অগস্ট থেকে ইসকনের একটি বড় দায়িত্ব এখানে চালু হতে চলেছে। কলকাতার একটি বড় অংশের মিড-ডে মিলের দায়িত্ব ইসকন নিতে চলেছে, চুক্তিও হয়ে যাবে। এরা এই কাজে নতুন নয়, ইতিমধ্যেই 22টি বড় শহরে ইসকন এই কাজ করছে। এতে ছাত্রছাত্রীরা ভালো এবং পুষ্টিকর খাবার পাবে। এটা অত্যন্ত জরুরি, পুষ্টিকর আহার খুবই প্রয়োজন।” সরকারি স্কুলগুলিতে মূলত সমাজের আর্থিকভাবে পিছিয়ে পড়া অংশের ছেলেমেয়েরাই পড়াশোনা করে। তাদের সার্বিক পুষ্টির বিষয়টি সুনিশ্চিত করা যে সরকারের প্রধান লক্ষ্য, তা মুখ্যমন্ত্রীর কথায় এদিন স্পষ্ট হয়ে যায়। তিনি বলেন, “আমাদের এই মিড-ডে মিল বিশেষ করে যে সমস্ত পড়ুয়ারা গ্রহণ করে, তারা মূলত মধ্যবিত্ত, নিম্ন-মধ্যবিত্ত এবং আর্থিকভাবে পিছিয়ে পড়া পরিবারের সন্তান। কোনো লাখপতি বাড়ির ছেলে এই খাবার খায় না। তাই তাদের অপুষ্টি দূর করার জন্য পুষ্টিরও ভীষণ প্রয়োজন। এবং পরিষ্কার-পরিচ্ছন্নভাবে, একটি দুর্নীতিমুক্ত মিড-ডে মিল ব্যবস্থা হওয়া উচিত।” অতীতে রাজ্যের মিড-ডে মিল ব্যবস্থা নিয়ে বিস্তর দুর্নীতির অভিযোগ উঠেছে। এদিন সেই প্রসঙ্গ তুলেও কড়া সমালোচনা করেন মুখ্যমন্ত্রী। অতীতের সেই ঘটনাকে তিনি ‘পাপ কাজ’ বলেও আখ্যা দেন। দুর্নীতিমুক্ত ব্যবস্থার আশ্বাস দিয়ে শুভেন্দুর কথায়, “অতীতে বাংলায় মিড-ডে মিল নিয়ে যে পরিমাণ দুর্নীতি হয়েছে, তা একেবারেই ঠিক নয়। এটা একটা পাপ কাজ করা হয়েছিল। আগামী দিনে এই কাজ ইসকন করবে। আমরা আমাদের শিশুদের ভালো ও পুষ্টিকর খাবার দেব। এটাকে আমরা নিজেদের কর্তব্য হিসেবে গ্রহণ করেছি, এবং আমরা সবই করব।”

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