पश्चिम बंगाल की राजनीति में ‘असली तृणमूल’ को लेकर जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में फैसला पूरी तरह संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत लिया जाएगा। आयोग ने कहा कि दोनों पक्षों द्वारा जमा किए गए दस्तावेज़ों की जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा. शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग ने बताया कि एक गुट की ओर से आवश्यक दस्तावेज़ जमा कर दिए गए हैं, जबकि दूसरे गुट की ओर से अभी पूरी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। आयोग ने कहा कि सभी आवश्यक रिकॉर्ड मिलने के बाद ही मामले पर आगे की कार्रवाई होगी। निर्वाचन आयोग ने दोहराया कि राजनीतिक दल की मान्यता और चुनाव चिह्न से जुड़े मामलों में चुनाव चिह्न आदेश एवं लागू संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार ही निर्णय लिया जाएगा। आयोग ने किसी भी तरह की जल्दबाज़ी से इनकार करते हुए निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाने की बात कही। विधानसभा चुनाव के बाद राज्य की राजनीति में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। कई विधायक और वरिष्ठ नेता अलग-अलग राजनीतिक रुख अपना चुके हैं, जिससे तृणमूल के भीतर नेतृत्व और संगठन को लेकर नई बहस शुरू हो गई है. अब राजनीतिक दलों और समर्थकों की नजर चुनाव आयोग के अंतिम फैसले पर है। आयोग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सभी पक्षों की दलीलों और दस्तावेज़ों का परीक्षण पूरा होने के बाद ही आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *