केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने तीन दिवसीय उत्तर बंगाल दौरे के दूसरे दिन सिलीगुड़ी स्थित उत्तरकन्या पहुंच गए। दोपहर 2 बजे से शुरू होने वाली तीन चरणों की उच्चस्तरीय बैठकों में राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमा प्रबंधन और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को लेकर व्यापक समीक्षा की जाएगी। इन बैठकों में केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। बैठकों में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार, उत्तर बंगाल विकास मंत्री निशीथ प्रमाणिक, पर्यटन मंत्री शंकर घोष, परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह, उत्तर बंगाल के सांसद, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे। सीमा से जुड़े सुरक्षा और प्रशासनिक मुद्दों पर सभी विभागों के बीच समन्वय को लेकर चर्चा होगी। बैठकों का सबसे अहम एजेंडा देश के रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील ‘चिकन नेक’ (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) की सुरक्षा रहेगा। इसके अलावा भारत-बांग्लादेश, भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था, घुसपैठ रोकने के उपाय, तस्करी पर नियंत्रण और सीमा प्रबंधन को और मजबूत बनाने की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श होगा। दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बीएसएफ की दो सीमा चौकियों (आउट पोस्ट/कैंप) का भी निरीक्षण करेंगे। वह सीमा पर तैनात जवानों से बातचीत करेंगे और सुरक्षा तैयारियों का प्रत्यक्ष जायजा लेंगे। सीमा निगरानी और सुरक्षा तंत्र को और प्रभावी बनाने के उपायों पर भी चर्चा होगी। रविवार को अमित शाह दक्षिण बंगाल के सभी सीमावर्ती जिलों के जिला मजिस्ट्रेट (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) के साथ अलग से समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में कानून-व्यवस्था, सीमा पार गतिविधियों, प्रशासनिक समन्वय और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की जाएगी। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, सीमा सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नई कार्ययोजना पर भी विचार होने की संभावना है।
