गृहमंत्री अमित शाह अपने तीन दिन के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान शनिवार को सिलीगुड़ी के पास भारत-बांग्लादेश सीमा पर पहुंचे. यहां उन्होंने BSF की जुमागाछ सीमा चौकी पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने जवानों से मुलाकात की और 77.06 करोड़ रुपये के कई विकास प्रोजेक्ट्स की शुरुआत की. न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, गृहमंत्री ने BSF के जवानों के साथ बातचीत की. इसके बाद उन्होंने प्रहरी सम्मेलन में हिस्सा लिया. फिर वह सीधे वॉच टावर पर गया, जहां से उसने सीमा फेंसिंग के आसपास की स्थिति देखी. सरहद पर मुस्तैद जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए वह उनके साथ चाय-नाश्ते के कार्यक्रम में भी शामिल हुए और परिसर में एक पौधा भी लगाया. अमित शाह का यह दौरा सिलिगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है. ‘चिकन नेक’ के नाम से मशहूर यह इलाका 17 से 22 किलोमीटर चौड़ी जमीनी पट्टी है, जो भारत के बाकी हिस्सों को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ता है. यह क्षेत्र नेपाल, बांग्लादेश और भूटान की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के बीच स्थित है, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. हाल ही में राज्य की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सीमा पर फेंसिंग के काम के लिए 120 एकड़ जमीन सुरक्षा बल को ट्रांसफर की है. इसके अलावा सात महत्वपूर्ण हाईवे का मैनेजमेंट भी केंद्र सरकार को सौंप दिया गया है, जिन्हें पहले राज्य का लोक निर्माण विभाग संभालता था. इस कदम से बॉर्डर एरिया में सड़कों के विकास और सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने में काफी मदद मिलने की उम्मीद है. शनिवार को सिलीगुड़ी के ‘उत्तरकन्या’ सचिवालय में एक हाई-लेवल मीटिंग तय की गई है. इस बैठक में अमित शाह देश के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ नए आपराधिक कानूनों को लागू करने की समीक्षा करेंगे. साथ ही जन्म-मृत्यु पंजीकरण और सीमा प्रबंधन से जुड़े कई प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा होगी. अगले चरण में रविवार को वह कोलकाता जाएंगे, जहां कानून-व्यवस्था को लेकर एक और बड़ी बैठक होनी है. इसके अलावा वह नेशनल लाइब्रेरी में ‘म्यूजियम ऑफ वर्ड्स’ के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे. साथ ही, अमूल बंगाल डेयरी के दही प्रोसेसिंग प्लांट का शिलान्यास भी करेंगे.
