लोकसभा के मानसून सत्र से निलंबित किए जाने के तुरंत बाद तृणमूल कांग्रेस (ममता गुट) के श्रीरामपुर सांसद कल्याण बनर्जी संसद परिसर में भाजपा के राज्यसभा सांसद समिक भट्टाचार्य से हाथ मिलाते नजर आए। इस दौरान तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा भी मौजूद थीं। दोनों नेताओं की यह मुलाकात कैमरे में कैद होते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया। निलंबन के बाद मीडिया से बातचीत में कल्याण बनर्जी ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उन्हें निलंबित करने से कुछ हासिल नहीं होगा। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पश्चिम बंगाल में पार्टी को जनता का समर्थन नहीं मिला है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता “बेईमान और विश्वासघाती” हैं तथा दावा किया कि एक वर्ष के भीतर केंद्र सरकार गिर जाएगी। कल्याण बनर्जी पर संसद के भीतर महिला सांसदों के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक और अशोभनीय टिप्पणियां करने का आरोप लगा। तृणमूल सांसद काकली घोष दस्तीदार ने उन पर महिला सांसदों के प्रति अपमानजनक और महिला-विरोधी भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कल्याण बनर्जी का व्यवहार बार-बार सदन की गरिमा के खिलाफ रहा है। भाजपा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर कल्याण बनर्जी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। पत्र में कहा गया कि उनके व्यवहार से संसद की कार्यवाही और सदन का माहौल प्रभावित हो रहा है। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने उन्हें मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित करने का निर्णय सुनाया। निलंबन के कुछ ही देर बाद भाजपा सांसद समिक भट्टाचार्य से कल्याण बनर्जी की मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दिया। हालांकि इस मुलाकात को लेकर किसी भी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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