सुप्रीम कोर्ट में DA केस की सुनवाई टाल दी गई है। हालांकि केस की सुनवाई गुरुवार को होनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। इस दिन जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की डिवीज़न बेंच में केस की सुनवाई होनी थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने एक नोटिफिकेशन जारी कर बताया है कि यह बेंच गुरुवार दोपहर 2 बजे सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर 7 में नहीं बैठेगी। अभी यह साफ नहीं है कि DA केस की अगली सुनवाई कब होगी। DA केस की सुनवाई आज सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय करोल और जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की स्पेशल बेंच में होनी थी। बुधवार रात को यह अनाउंस किया गया कि स्पेशल बेंच आज नहीं बैठेगी। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जज मसीह की रेगुलर बेंच दोपहर 2 बजे कोर्ट नंबर 7 में बैठेगी।
एक नज़र में
बकाया 2027 और 2028 की किश्तों में सेटल किया जाएगा।
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में DA केस की सुनवाई नहीं हो रही है।
जस्टिस संजय करोल और प्रशांत कुमार मिश्रा की बेंच नहीं बैठेगी।
अगली सुनवाई की तारीख अभी साफ नहीं है।
14 जुलाई तक 7.5 लाख से ज़्यादा कर्मचारियों को 7,771 करोड़ रुपये का पेमेंट किया जा चुका है।
DA का मामला
पश्चिम बंगाल सरकार राज्य सरकार के कर्मचारियों के बकाया महंगाई भत्ते का 85 परसेंट चार किश्तों में देना चाहती है। यह बात राज्य सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में जमा की गई स्टेटस रिपोर्ट में कही। इस बीच, राज्य सरकार के कर्मचारियों के बकाया DA से जुड़े मामले की आज सुनवाई होनी थी। लेकिन, बेंच के न बैठने की वजह से आज मामले की सुनवाई नहीं हो रही है।
सुप्रीम कोर्ट में जमा की गई स्टेटस रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पिछली सरकार के दौरान रिटायर्ड जस्टिस इंदु मल्होत्रा की अगुवाई में एक कमेटी बनाई गई थी ताकि यह देखा जा सके कि सरकारी कर्मचारियों का बकाया DA किश्तों में कैसे दिया जाएगा। BJP सरकार ने चार्ज संभालने के बाद कमेटी के साथ मीटिंग की। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट जमा की गई। सूत्रों का दावा है कि बकाया 15 प्रतिशत DA माफ करने के लिए आवेदन किया गया है।
