केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के निर्देश पर यह जिम्मेदारी उन्हें अस्थायी रूप से दी गई है। इसके साथ ही शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार अब प्रह्लाद जोशी संभालेंगे। इसी बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार (25 जुलाई 2026) को केंद्र सरकार के साथ हुई बातचीत के बाद अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी। पार्टी का कहना है कि सरकार ने उसकी प्रमुख मांगों पर सहमति जताई है, जिसके बाद आंदोलन वापस लेने का फैसला किया गया। CJP ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी थीं। इनमें पहली मांग तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी।इसके अलावा पार्टी ने NEET विवाद के बाद कथित रूप से आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की थी। साथ ही 20 मार्च को आयोजित संगठन के ‘संसद चलो’ मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने की भी मांग की गई थी। CJP का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा उसकी प्रमुख मांगों को स्वीकार किए जाने के बाद संगठन ने अपना आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया। पिछले कई दिनों से NEET पेपर लीक मामले को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब खत्म हो गया है। वहीं, शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को सौंपे जाने के बाद अब सभी की नजर मंत्रालय की आगामी कार्यवाही और सरकार के अगले कदमों पर रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *