प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड में भारत के पहले निजी क्षेत्र द्वारा विकसित रॉकेट ‘विक्रम-1’ की सफल लॉन्चिंग को देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इस सफलता ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया है और देश के युवा इनोवेटर्स ने वह कर दिखाया है जिसकी कभी कल्पना भी मुश्किल थी। उन्होंने कहा कि भारत के युवा विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं और दुनिया में देश का सम्मान बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में शुरू हुए कॉमनवेल्थ गेम्स का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूरा देश भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की कामना कर रहा है। उन्होंने बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु की सराहना करते हुए कहा कि जापान ओपन का खिताब जीतने वाली वह पहली भारतीय बनी हैं। पीएम मोदी ने कहा कि हाल के वर्षों में भारतीय खिलाड़ियों ने खेल जगत में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं और उन्हें पूरा देश समर्थन दे रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने जल संरक्षण पर चल रहे ‘कैच द रेन’ अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी देशवासियों से बारिश की हर बूंद को सहेजने की अपील की थी और अब यह अभियान जनभागीदारी का बड़ा उदाहरण बन चुका है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन और वृक्षारोपण को नई गति मिली है। गांवों से लेकर शहरों तक लोग इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। प्रधानमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश के सीधी जिले में करीब 1,500 तालाब बनाए गए हैं, जबकि नरसिंहपुर में अमृत सरोवरों का पुनर्विकास किया गया है।उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के नासिक में बड़ी मात्रा में जल संग्रहण क्षमता विकसित हुई है। आंध्र प्रदेश के नंद्याल में सभी ग्राम पंचायतें इस अभियान से जुड़ी हैं और पुराने तालाबों को फिर से उपयोगी बनाया गया है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के कोरबा, ओडिशा के भुवनेश्वर और आंध्र प्रदेश के विजयनगरम में भी जल संरक्षण अभियान के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज कारगिल विजय दिवस पूरे देश के लिए गर्व का अवसर है। उन्होंने कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर जवानों और देश की रक्षा में योगदान देने वाले सभी सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की उन्होंने कहा कि कारगिल की कठिन चोटियों, विषम मौसम और दुश्मन की चुनौती के बावजूद भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। आज भारत अपने सैनिकों के शौर्य के साथ-साथ अपनी रक्षा तकनीक और सामरिक क्षमताओं को भी लगातार मजबूत कर रहा है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के युवा विज्ञान, खेल और नवाचार के क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर रहे हैं। वहीं जल संरक्षण जैसे अभियानों में आम नागरिकों की भागीदारी यह साबित करती है कि जब देश एकजुट होकर काम करता है, तो बड़े से बड़े लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।

By UJAGAR

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