संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सार्वजनिक परीक्षाओं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि देशभर के छात्रों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार पेपर लीक जैसी समस्याओं से निपटने के लिए यह महत्वपूर्ण विधेयक लेकर आ रही है। रिजिजू ने कहा कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ न हो। विपक्ष पर चर्चा से भागने का आरोप केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस और विपक्ष के कुछ सदस्यों पर आरोप लगाया कि वे इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा करने के बजाय सदन में हंगामा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संसद ही वह जगह है, जहां देश से जुड़े गंभीर मुद्दों पर बहस और चर्चा की जा सकती है। इसलिए विपक्ष को विरोध करने के बजाय चर्चा में भाग लेना चाहिए। किरेन रिजिजू ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं छात्रों की मेहनत और उनके भविष्य को प्रभावित करती हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए कड़ा कानून बनाना जरूरी है। उन्होंने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि सभी दलों को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर छात्रों के हित में इस विधेयक पर सहयोग करना चाहिए। रिजिजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा परीक्षा सुधारों को लेकर लिए गए फैसलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण समय में संसद में सकारात्मक और सार्थक चर्चा होनी चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए यह विधेयक बेहद अहम है। उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों से सदन में हंगामा छोड़कर खुली बहस करने और मिलकर इस कानून को पारित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाना पूरे देश की जिम्मेदारी है और इसमें सभी दलों का सहयोग जरूरी है। पेपर लीक रोकने वाले बिल पर किरेन रिजिजू की विपक्ष से अपील, बोले- छात्रों के भविष्य के लिए हो खुली बहस

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *