तृणमूल कांग्रेस से बगावत करके नई पार्टी NCPI में शामिल होने वाले 20 बागी सांसदों का मामला अब और भी दिलचस्प मोड़ पर आ गया है। मंगलवार को जब सांसदों ने NDA सांसदों की बैठक ‘मंगल मिलन’ में हिस्सा लिया, तो उनकी संख्या 17 ही रही। तीन मुस्लिम सांसदों, अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान ने NDA की बैठक में हिस्सा नहीं लिया। इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सौगत रॉय ने मंगलवार को बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि कुछ बागी सांसद उनके संपर्क में हैं और पार्टी में लौटने का रास्ता तलाश रहे हैं। हालांकि, बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के बंगाल भवन में लंच पर सभी ने हिस्सा लिया, जिनमें वे तीन मुस्लिम सांसद भी शामिल थे। सांसदों को खाना परोसा गया, जिसमें हिलसा मछली और झींगे के साथ-साथ ‘छोला दाल’ जैसे व्यंजन शामिल थे। लंच में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे भी मौजूद थे, जिन्होंने तृणमूल में बगावत में अहम भूमिका निभाई थी। इस बीच बीजेपी के एक सीनियर नेता ने कहा कि जो सांसद बैठक में शामिल नहीं हुए, वे भी NDA के साथ ही हैं। NDA की बैठक से दूर रहने का उनका फैसला एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। स्पीकर ने अभी तक इन 20 सांसदों के NCPI में विलय को मंजूरी नहीं दी है। लोकसभा की वेबसाइट पर अभी भी उन्हें तृणमूल सांसद के तौर पर ही दिखाया जा रहा है। जब उनमें से कुछ सदस्य सदन में बोलने के लिए खड़े हुए, तो टेलीविजन प्रसारण में उनकी पार्टी की पहचान ‘तृणमूल’ के तौर पर दिखाई जाति है। स्पीकर के फैसले का इंतजार करते हुए, उन्हें लोकसभा में तृणमूल सांसदों से अलग बैठाया गया है। सूत्रों के अनुसार, उनके विलय को मान्यता मिलने में कुछ तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं। तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी पहले ही स्पीकर को याचिका सौंपकर सभी 20 सांसदों की सदस्यता रद करने की मांग कर चुके हैं। बाद में आज, सुवेंदु अधिकारी ने संसद भवन में स्पीकर ओम बिरला से भी मुलाकात की। माना जा रहा है कि इन 20 बागी सांसदों के मामले में स्थिति जल्द ही साफ हो जाएगी।
