तमिलनाडु की TVK सरकार ने विधानसभा में पहला बजट पेश किया। टीवीके सरकार के पहले बजट में महिलाओं के लिए ‘सोने का सिक्का एवं रेशमी साड़ी योजना’ को 812 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही पहली बार हज पर जाने वाले लोगों के लिए सब्सिडी 25,000 रुपये से बढ़ाकर 35,000 रुपये की जाएगी। तमिलनाडु सरकार ने Gen-Z के लिए खास योजना जारी की है। वित्त मंत्री मारिया विल्सन ने सदन में बजट पेश करते हुए बताया कि राज्य में सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले 11वीं कक्षा के छात्रों को हेलमेट और पानी की बोतलों वाली आधुनिक साइकिलें बांटी जाएंगी। इन साइकिलों की कीमत 277 करोड़ रुपये हैं। इसके साथ ही वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने टेंडर में ‘कट’ (रिश्वत) रोकने के लिए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की तारीफ की। यह दोहराते हुए कि TVK सरकार NEET का विरोध करती है, विल्सन ने केंद्र से इस परीक्षा को खत्म करने और 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर एडमिशन की पुरानी व्यवस्था को फिर से लागू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य को वित्तीय संकट से बाहर निकालने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि CM विजय ने कुछ पार्टियों और लोगों को टेंडर में मिलने वाले “कट” को रोककर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने सुधारवादी कदमों का भी ज़िक्र किया, जिसमें टेंडर में पारदर्शिता लाना शामिल है। राज्य को ड्रग्स मुक्त करने की दिशा में लिए तमिलनाडु की TVK सरकार ने युवाओं को स्पोर्ट्स फील्ड में इन्वॉल्व करने के लिए कुछ खास योजनाओं का ऐलान किया है। राज्यभर में 10 ओलंपिक स्पेशल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। तमिलनाडु ग्रामीण खेल प्रतियोगिताएं 42 करोड़ रुपये की लागत से आयोजित की जाएंगी। हज सब्सिडी को 25 हजार से बढ़ाकर 35 हजार किया जाएगा। पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और वन विभाग के लिए ₹1,762 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसके साथ ही चुनावी वादा पूरा करने के लिए कच्चे मकान को पक्का करने बनाने की राशी 3 लाख दस हज़ार से बढ़ाकर 5 लाख की गई है। वीडु वेट्री योजना के तहत 3500 करोड़ की लागत से 70 हज़ार पक्के घर बनाकर दिए जाएंगे।
तमिलनाडु बजट में विभागानुसार फंड का आवंटन
- आवास और शहरी विकास विभाग – ₹8,852 करोड़
- बिजली विभाग – ₹15,828 करोड़
- हथकरघा और कपड़ा विभाग – ₹1,678 करोड़
- उद्योग विभाग – ₹4,414 करोड़
- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) विभाग – ₹2,142 करोड़
- पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभाग – ₹4,880 करोड़
- सहकारिता विभाग – ₹8,028 करोड़
- स्वास्थ्य विभाग – ₹23,357 करोड़
- समाज कल्याण विभाग – ₹9,818 करोड़
- दिव्यांगजन कल्याण विभाग – ₹1,485 करोड
