दुर्गा पूजा से पहले पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने ग्रामीण रोजगार और कृषि क्षेत्र से जुड़ी कई घोषणाएं की हैं। बर्दवान दौरे के दौरान उन्होंने जॉब कार्ड धारकों के लिए सालाना 125 दिनों के रोजगार और अधिकतम 34,500 रुपए तक मजदूरी मिलने की बात कही। यह प्रावधान राज्य में लागू किए जा रहे ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम से जुड़ा है। कृषि क्षेत्र के लिए बिजली पर 2 रुपए प्रति यूनिट सब्सिडी की व्यवस्था भी लागू की गई है। सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाली बिजली पर मिलने वाली इस राहत से राज्य के कृषि उपभोक्ताओं को फायदा पहुंचने की उम्मीद है। ग्रामीण रोजगार योजना में अब 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के वेतन रोजगार का प्रावधान किया गया है। सरकार के अनुसार, पात्र जॉब कार्ड धारकों को साल में 125 दिन तक काम मिल सकेगा। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना और रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर होने वाले पलायन को कम करना है। पात्र श्रमिकों को सालाना 34,500 रुपए तक की मजदूरी मिलने की बात भी सामने आई है। हालांकि, यह राशि प्रत्येक व्यक्ति को एकमुश्त भुगतान के रूप में नहीं, बल्कि निर्धारित रोजगार दिवस और लागू मजदूरी दर के आधार पर मिलने वाली मजदूरी के तौर पर समझी जानी चाहिए। कृषि क्षेत्र के लिए राज्य सरकार ने सिंचाई में इस्तेमाल होने वाली बिजली पर 2 रुपए प्रति यूनिट सब्सिडी की व्यवस्था की है। यह राहत कृषि सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाली बिजली पर लागू है। बर्दवान समेत राज्य के कृषि प्रधान इलाकों में सिंचाई की लागत किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण खर्च है। ऐसे में बिजली की दर पर सब्सिडी से किसानों के सिंचाई खर्च को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। सरकार की ओर से कृषि क्षेत्र में बिजली की लागत कम करने के साथ-साथ सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए पीएम कुसुम योजना जैसी केंद्र की योजनाओं के जरिए सोलर पंप को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। बर्दवान दौरे के दौरान सुवेंदु अधिकारी की प्रशासनिक गतिविधियों में जिले की विकास परियोजनाओं से जुड़े कार्यक्रम भी शामिल रहे। उन्होंने ऐतिहासिक सर्वमंगला मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। ग्रामीण रोजगार और कृषि बिजली पर घोषित राहतों को सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की अपनी नीति का हिस्सा बता रही है। हालांकि, इन घोषणाओं का वास्तविक लाभ पात्रता, रोजगार के वास्तविक आवंटन और कृषि बिजली की खपत पर निर्भर करेगा।

By UJAGAR

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *