मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हमलावर विपक्ष अब उनके खिलाफ एकजुट नज़र आ रहा है. उन्हें हटाने की मांग कर रहे विपक्षी INDIA गठबंधन के बड़े नेता संपर्क में हैं. सूत्रों के मुताबिक 30 सितंबर को गठबंधन की बैठक और साझा प्रेस कॉन्फ़्रेंस की योजना बनाई जा रही है. ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग का नोटिस तैयार किया जा रहा है. इस बारे में ममता और अभिषेक बनर्जी ने राहुल गांधी से बात की है. इसके अलावा सीपीएम महासचिव एम. ए. बेबी ने ममता बनर्जी से बात की है. यही नहीं, मंगलवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक भी है. इस मीटिंग में मुख्य तौर पर SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों को लेकर चर्चा हो सकती है और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध तेज करने की रणनीति बनाई जा सकती है.  इसके अलावा फॉर्म 6 में बदलाव को लेकर भी कांग्रेस हमलावर है. शनिवार को सुबह कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर लिखी पोस्ट में सुप्रीम कोर्ट से अपील की है. उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट को इस मामले का स्वतः: संज्ञान लेना चाहिए. जयराम रमेश ने मांग की है कि ज्ञानेश कुमार को SIR और फॉर्म 6 में असंवैधानिक बदलाव के लिए जवाबदेह ठहराया जाए. जयराम रमेश ने कहा कि इलेक्शन कमीशन अब भी पैनिक में है. इसी घबराहट में उसने तेजी से जेन जी वोटरों के नाम जोड़ने को कहा है. उन्होंने कहा कि अब युवा पीढ़ी के वोटरों के नाम जोड़े जा रहे हैं और उसे सोशल मीडिया के माध्यम से बताया जा रहा है. जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा, ‘कल देर रात घबराए हुए चुनाव आयोग ने अधिकारियों को युवा मतदाताओं के लिए विशेष नामांकन कैंप लगाने और सोशल मीडिया के जरिए उनका ‘व्यापक प्रचार’ करने का निर्देश दिया. लेकिन इससे पहले खुद मुख्य चुनाव आयुक्त ने फॉर्म 6 में खुले तौर पर गैरकानूनी और असंवैधानिक बदलाव कर युवा मतदाताओं के लिए अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाना लगभग असंभव बना दिया थ. इसमें एक नया अनिवार्य सेक्शन जोड़ दिया गया, जिसमें पूछा जाता है कि आपके माता-पिता/दादा-दादी पिछली SIR में शामिल थे या नहीं- इससे पहली बार वोट देने वाले Gen Z मतदाताओं के लिए एक नई बाधा खड़ी हो गई.’ कांग्रेस ने लिखा कि यह बदलाव पूरी तरह गैरकानूनी है. उन्होंने लिखा कि जुलाई 2026 की शुरुआत में बिना किसी आधिकारिक नोटिफिकेशन के ऑनलाइन फॉर्म को चुपके से बदल दिया गया. इसके अलावा ECI के पास Form 6 में संशोधन करने का अधिकार ही नहीं है. यह अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है।. फॉर्म 6 को नियंत्रित करने वाले नियमों में कोई संशोधन किए बिना ही फॉर्म बदल दिया गया. ऐसा केवल केंद्र सरकार संसद को उचित सूचना देकर कर सकती है. कानून द्वारा निर्धारित एक वैधानिक फॉर्म को घबराई हुई PM-HM की जोड़ी के इशारे पर ज्ञानेश कुमार ने एकतरफा बदल दिया.

By UJAGAR

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