मणिपुर के कामजोंग जिले में म्यांमार सीमा के पास चार तांगखुल नागा ग्रामीणों की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, चारों के शव शुक्रवार को पिलोंग गांव के पास एक सुनसान इलाके से बरामद किए गए। शवों पर गोली लगने के निशान मिले हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है। मृतकों की पहचान बेटरसन जाजो, वारेशिम जाजो, फामी जाजो और निंगथेम काशक के रूप में हुई है। वारेशिम जाजो और फामी जाजो पिता-पुत्र थे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए कामजोंग जिला अस्पताल भेजा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गुरुवार को पांच ग्रामीण पिलोंग इलाके में मौजूद थे। इसी दौरान म्यांमार की ओर से आए संदिग्ध हथियारबंद लोगों ने उन पर हमला किया। एक ग्रामीण किसी तरह बचकर निकल गया और उसने घटना की जानकारी स्थानीय अधिकारियों को दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। नागा संगठन तांगखुल नागा लोंग (टीएनएल) ने आरोप लगाया है कि हमले के पीछे म्यांमार स्थित कुकी नेशनल आर्मी-बर्मा (केएनए-बी) के कैडर और अन्य हथियारबंद तत्व हो सकते हैं। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संगठन ने सीमा पार से हो रही कथित घुसपैठ को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भी चिंता जताई है। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने चार नागा नागरिकों की हत्या की निंदा की है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि समाज में इस तरह की हिंसा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। नागा पीपुल्स फ्रंट की मणिपुर इकाई और टीएनएल ने भी घटना की निंदा की है। हत्या के विरोध में टीएनएल ने अपने अधिकार क्षेत्र में 25 सितंबर सुबह 7 बजे से 26 सितंबर सुबह 7 बजे तक 24 घंटे के आपातकालीन बंद का आह्वान किया है। हालांकि, बिजली, चिकित्सा, दमकल और अंतिम संस्कार से जुड़ी जरूरी सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया है। कामजोंग उन मणिपुर जिलों में शामिल है, जिनकी म्यांमार के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है। इस क्षेत्र में पहले भी सीमा पार से हमलों को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आती रही हैं। ताजा घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं।
https://twitter.com/CMO_MANIPUR_/status/2103404018433409126
