बंगाल में दुर्गा पूजा से ठीक पहले वित्तीय अनियमितता और जालसाजी का एक बड़ा मामला सामने आया है। प्रिव्यू शो के नाम पर दुर्गा पूजा पास बेचने और करोड़ों रुपये के कथित घोटाले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार तड़के राज्य के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन और उनके करीबियों के ठिकानों पर समानांतर छापेमारी शुरू की। प्रवर्तन निदेशालय की टीमों ने कसबा स्थित पूर्व मंत्री के आवास सहित कोलकाता के हिंदुस्तान पार्क, हाइलैंड पार्क जैसे करीब 15 प्रमुख स्थानों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 17 के तहत तलाशी अभियान चला रहा है। यह पूरी कार्रवाई ‘मास आर्ट’ नामक संस्था द्वारा संचालित ‘दुर्गा पूजा प्रिव्यू शो’ के आयोजन में हुए वित्तीय घपले को लेकर की जा रही है। जांच एजेंसी के अनुसार, वर्ष 2021 में कोलकाता की दुर्गा पूजा को यूनेस्को की ‘अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’ का दर्जा मिलने के बाद इस संस्था का गठन किया गया था। आरोप है कि संस्था ने बिना किसी अनुमति के यूनेस्को के नाम और लोगो का इस्तेमाल करते हुए खुद को उसकी आधिकारिक साझेदार घोषित कर दिया। मास आर्ट ने शहर के 24 प्रमुख पूजा पंडालों को यूनेस्को द्वारा चयनित बताकर जनता से प्रिव्यू शो के लिए 1,749 रुपये से लेकर 5,499 रुपये तक में पास बेचे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस फर्जीवाड़े में वर्ष 2022 से 2024 के बीच लगभग 1.14 लाख लोगों ने पंजीकरण कराया। अनुमान है कि यूनेस्को के नाम पर जुटाए गए 50 से 60 करोड़ रुपये की राशि का इस्तेमाल व्यक्तिगत लाभ के लिए किया गया। इस सिलसिले में जून में ही बाहूबाजार थाने में पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन, उनकी पत्नी मधुछंदा सेन और मास आर्ट के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। ईडी अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि फर्जी पास से जुटाया गया पैसा किन-किन खातों में भेजा गया और इसमें कौन-कौन से रसूखदार शामिल हैं।

By UJAGAR

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *