पश्चिम बंगाल में मदरसा शिक्षा और शिक्षकों की भर्ती को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि पश्चिम बंगाल मदरसा सर्विस कमीशन को खत्म कर उसे स्कूल सर्विस कमीशन (SSC) के साथ मिला दिया गया है। अब मदरसों में शिक्षकों की नियुक्ति SSC के माध्यम से की जाएगी। राज्य सरकार का कहना है कि एक ही भर्ती व्यवस्था के तहत नियुक्तियां होने से प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा। अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा मंत्री खुदीराम टुडू ने भी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर जोर दिया है। मदरसा भर्ती व्यवस्था में बदलाव से पहले राज्य सरकार ने बिना जरूरी मंजूरी और मान्यता के संचालित संस्थानों को लेकर सर्वे कराया था। इस सर्वे के बाद 252 मदरसों को बंद करने के निर्देश दिए गए, जबकि करीब 100 अन्य मदरसों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। सरकार के मुताबिक, जांच में कुछ संस्थानों में जरूरी बुनियादी ढांचे और अनुमोदन से जुड़ी कमियां सामने आई थीं। अधिकारियों ने राज्य के सभी जिलों में मदरसों की स्थिति, पंजीकरण, प्रबंधन और अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई थी। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, राज्य में करीब 2,132 मदरसे आवश्यक पंजीकरण या संबद्धता के साथ संचालित हो रहे हैं। वहीं लगभग 2,396 मदरसों के पास जरूरी सरकारी या बोर्ड स्तर की मान्यता/संबद्धता नहीं पाई गई।हालांकि, इन आंकड़ों को राज्य में संचालित सभी मदरसों के अंतिम कानूनी दर्जे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि सरकार की ओर से सत्यापन और कार्रवाई की प्रक्रिया अलग-अलग संस्थानों के मामले में जारी रही है। पश्चिम बंगाल मदरसा सर्विस कमीशन की स्थापना 2008 के कानून के तहत हुई थी। इसका उद्देश्य मान्यता प्राप्त गैर-सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया को संचालित करना था। पश्चिम बंगाल मदरसा शिक्षा बोर्ड की भूमिका इससे अलग रही है, जो मदरसा शिक्षा की अकादमिक व्यवस्था और परीक्षाओं से संबंधित काम देखता है। बोर्ड की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उसे 1994 में वैधानिक स्वायत्त दर्जा मिला था। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के मुताबिक, मदरसा सर्विस कमीशन को स्कूल सर्विस कमीशन में मिला दिए जाने के बाद मदरसों में शिक्षकों की भर्ती SSC के माध्यम से होगी। इसका मतलब है कि मदरसों के लिए अलग भर्ती आयोग की व्यवस्था खत्म हो गई है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब राज्य सरकार मदरसों के पंजीकरण, बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा भी कर रही है। आने वाले समय में SSC के तहत मदरसा शिक्षकों की भर्ती के नियम, रिक्तियां और चयन प्रक्रिया को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश सामने आने की उम्मीद है।

By UJAGAR

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