दिसंबर 2020 में दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर स्थित शिराकोल में भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले के मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। घटना के लगभग 6 साल बाद, मामले की नए सिरे से शुरू की गई जांच में स्थानीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता ‘पुष्पा’ उर्फ जहांगीर खान का नाम मुख्य साजिशकर्ता के रूप में जुड़ा है। उस्ती थाना पुलिस ने जेल में बंद जहांगीर खान को इस मामले में औपचारिक रूप से फिर से गिरफ्तार दिखाया है। डायमंड हार्बर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ज़ोनल) अभिषेक मजूमदार ने इस नई गिरफ्तारी और मामले में आगे की कार्रवाई की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले की फाइलों को दोबारा खोलते हुए उस्ती थाना पुलिस ने पहले तीन आरोपियों—तौफीक अहमद, आरिफ हुसैन और अनीसुर रहमान को गिरफ्तार किया था। पुलिस हिरासत में लेकर की गई लगातार पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे जहांगीर खान का हाथ था। उनके बयानों के आधार पर पुलिस ने मामले की कड़ी जोड़ते हुए जहांगीर खान को भी इस केस में नामजद कर गिरफ्तार दिखाया। इस तरह मामले में अब तक कुल 4 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। गिरफ्तार आरोपियों से की गई पूछताछ और उनकी निशानदेही पर पुलिस ने विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस टीम ने 2 अवैध आग्नेयास्त्र (कट्टे/पिस्तौल) और 4 राउंड जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें अदालत में पेश किया, जहां से चारों आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि हमले के दिन इस्तेमाल किए गए हथियार कहां से लाए गए थे और इसमें अन्य कौन-कौन शामिल था। उल्लेखनीय है कि 2019 के एक पुराने मामले को लेकर जहांगीर खान को कानूनी सुरक्षा कवच (संरक्षण) मिला हुआ था। इसके अलावा फलता विधानसभा के उपचुनाव से पहले भी उसे कोलकाता हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली थी। हालांकि, बाद के कानूनी घटनाक्रमों में कोलकाता हाईकोर्ट ने जहांगीर खान को दी गई सभी कानूनी रियायतों और सुरक्षा कवच को रद्द कर दिया था, जिससे उसकी गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया था। ‘पुष्पा’ के नाम से चर्चित फलता के पराजित टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान के खिलाफ जब पुलिस का शिकंजा कसा, तो वह देश छोड़कर भागने की फिराक में था। गुप्त सूचना के आधार पर स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की टीम ने भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया था। फिलहाल कई मामलों में जेल में बंद इस बाहुबली नेता से पुलिस नड्डा के काफिले पर हमले और उसके पीछे रची गई बड़ी साजिश के पहलुओं पर गहन पूछताछ कर रही है।

By UJAGAR

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