यूएई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने भारतीय पायलट स्मित मच्छर और फ्लाईदुबई के अन्य क्रू सदस्यों को फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II प्रदान किया। यह सम्मान 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में मिड-एयर हमले के प्रयास के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली बहादुरी के लिए दिया गया। पदक दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने प्रदान किए। उन्होंने क्रू की कार्रवाई, व्यावसायिकता और जिम्मेदारी की भावना की सराहना की। सम्मान समारोह राष्ट्रपति स्वागत समारोह में आयोजित हुआ। दुबई मीडिया ऑफिस के अनुसार समारोह में कई प्रमुख यूएई अधिकारी मौजूद थे। इनमें शेख थायाब बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, शेख अहमद बिन सईद अल मकतूम शामिल रहे। शेख अहमद दुबई सिविल एविएशन अथॉरिटी के अध्यक्ष, दुबई एयरपोर्ट्स के चेयरमैन और एमिरेट्स एयरलाइन एंड ग्रुप के चेयरमैन तथा मुख्य कार्यकारी हैं। इस अवसर पर क्रू सदस्यों के साहस को रेखांकित किया गया। भारतीय पायलट स्मित मच्छर की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II संयुक्त अरब अमीरात का उच्च स्तरीय नागरिक सम्मान है। यूएई राष्ट्रपति द्वारा यह सम्मान विशिष्ट सेवा, साहस और द्विपक्षीय तथा अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने वाले योगदान के लिए प्रदान किया जाता है। स्मित मच्छर और उनके साथी क्रू सदस्यों को यह सम्मान उनकी असाधारण बहादुरी के लिए मिला। मिड-एयर संकट में उन्होंने यात्रियों की जान बचाने के लिए त्वरित और साहसी कदम उठाए। इस सम्मान से भारत-यूएई संबंधों में भी गर्व का भाव जुड़ा है। 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में मिड-एयर हमले का प्रयास हुआ था। पायलट स्मित, मच्छर और क्रू सदस्यों ने स्थिति को संभाला और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की। उनकी त्वरित कार्रवाई से बड़ी दुर्घटना टल गई। घटना के बाद यूएई अधिकारियों ने क्रू के साहस की सराहना की। अब राष्ट्रपति स्तर के सम्मान से उनकी बहादुरी को औपचारिक मान्यता मिल गई है। यह घटना विमानन सुरक्षा और क्रू प्रशिक्षण के महत्व को रेखांकित करती है। दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान ने क्रू की कार्रवाई और जिम्मेदारी की भावना की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में क्रू ने उच्च स्तर की व्यावसायिकता दिखाई। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने स्थिति पर नियंत्रण पाया। भारतीय पायलट स्मित मच्छर की भूमिका इस पूरे अभियान में महत्वपूर्ण रही। सम्मान समारोह में उनकी बहादुरी को पूरे यूएई में सराहा गया। यह घटना विमानन क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है। भारतीय पायलट को यूएई के राष्ट्रपति स्तर के सम्मान से दोनों देशों के संबंधों में गर्व का भाव जुड़ा है। स्मित मच्छर की बहादुरी ने भारतीय पेशेवरों की क्षमता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर साबित किया। यूएई सरकार ने इस सम्मान के माध्यम से साहस और कर्तव्यपरायणता को प्रोत्साहित किया है। घटना और उसके बाद के सम्मान ने विमानन सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी योगदान दिया। भारतीय समुदाय में इस उपलब्धि पर खुशी का माहौल है।
