भूटान की ओर से संकोश नदी में भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद अलीपुरद्वार जिले के कुमारग्राम ब्लॉक में बाढ़ की गंभीर आशंका पैदा हो गई है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ब्लॉक प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है और निचले इलाकों से लोगों को निकालने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित रखने के लिए कुमारग्राम ब्लॉक के तहत कुल 18 विशेष रेस्क्यू और फ्लड शेल्टर (बाढ़ आश्रय स्थल) खोले गए हैं, जहां अब तक 7,000 से अधिक लोग सुरक्षित शरण ले चुके हैं। कुमारग्राम ब्लॉक प्रशासन ने स्थानीय स्कूलों, चाय बागान फैक्ट्रियों और सामुदायिक भवनों को राहत शिविरों में तब्दील कर दिया है। प्रमुख केंद्रों में शरण लेने वाले लोगों का आंकड़ा इस प्रकार है:
- कुमारग्राम टीजी फैक्ट्री: यहां सबसे अधिक लगभग 900 लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया है।
- माझेरडाबरी हाई स्कूल: लगभग 850 लोगों ने शरण ली है।
- उत्तर हल्दीबाड़ी जूनियर हाई स्कूल: करीब 800 ग्रामीणों को यहां ठहराया गया है।
- कुमारग्रामदुआर एमएस हाई स्कूल: लगभग 800 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है।
- कुमारग्राम बालिका विद्यालय: लगभग 650 लोगों को सुरक्षित रखा गया है।
- संकोश नेपाली लाइन कम्युनिटी हॉल: करीब 600 लोगों ने यहां शरण ली है।
- संकोश एमएसके: लगभग 600 लोगों को आश्रय दिया गया है।
- पाकरीगुड़ी बाजार एवं एनएच 31: लगभग 550 ग्रामीणों को सुरक्षित कैंपों में पहुंचाया गया है।
- रामकृष्ण एमएसके: करीब 300 लोग यहां ठहरे हुए हैं।
- उत्तर हल्दीबाड़ी बीएफपी स्कूल: लगभग 300 लोगों को ठहराया गया है।
चाय बागान और अन्य आश्रय स्थलों की स्थिति
- आदर्श हिंदी हाई स्कूल: 270 लोगों ने शरण ली है।
- संकोश टीजी कम्युनिटी हॉल: लगभग 250 लोग मौजूद हैं।
- पाकरीगुड़ी प्राइमरी स्कूल: करीब 250 ग्रामीणों को ठहराया गया है।
- कुमारग्राम टीजी क्रेश हाउस: 220 लोगों को रखा गया है।
- झिजरी सालबाड़ी प्राइमरी स्कूल: लगभग 150 लोग ठहरे हुए हैं।
- संकोश हरि मंदिर: 68 लोगों ने सुरक्षित स्थान पर शरण ली है।
- संकोश काली मंदिर: 50 लोग यहां शरण लिए हुए हैं।
संकोश नदी के सीमावर्ती क्षेत्र से सटे असम के प्रभावित ग्रामीण भी राहत शिविरों में पहुंचे हैं। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, साहबपारा बीएफपी स्कूल में असम से आए लगभग 80 लोगों ने शरण ली है। प्रशासन सभी 18 शिविरों में पेयजल, सूखा राशन, दवाइयों और बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था सुनिश्चित कर रहा है। साथ ही अधिकारियों की टीमें संकोश नदी के जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी बनाए हुए हैं।
