पश्चिम बंगाल की राजनीति में ‘कालीघाट-तृणमूल’ के भीतर जारी राजनीतिक बदलावों के बीच अब बनगांव उत्तर के पूर्व विधायक बिश्वजीत दास ने भी ऋतब्रत खेमे का दामन थाम लिया। उनके इस कदम ने राज्य की राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है। बिश्वजीत दास शुक्रवार को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के कक्ष में पहुंचे, जहां उनकी मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया। इस मुलाकात को बंगाल की बदलती राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के दिनों में ‘कालीघाट-तृणमूल’ से कई नेताओं का अलग रुख अपनाना पार्टी के भीतर बदलते समीकरणों की ओर इशारा करता है। बिश्वजीत दास का नया फैसला भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। पूर्व विधायक के जुड़ने से ऋतब्रत खेमे को संगठनात्मक मजबूती मिलने की चर्चा है। हालांकि, इस घटनाक्रम पर संबंधित पक्षों की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। बिश्वजीत दास के इस राजनीतिक कदम के बाद आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक दलों की अगली रणनीति पर सभी की नजर बनी हुई है।
