जापान के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में आए 7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के बाद तबाही का दायरा लगातार सामने आ रहा है। क्यूशू द्वीप और आसपास के इलाकों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है, जबकि 80 से अधिक लोग घायल बताए गए हैं। कई इमारतें ढह गईं, एक शॉपिंग मॉल में विस्फोट हुआ और फैक्ट्री की चिमनी गिरने से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। राहत एवं बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं। मंगलवार को आए इस भूकंप ने कुमामोटो प्रांत समेत कई क्षेत्रों में व्यापक तबाही मचाई। प्रशासन के अनुसार अब तक 34 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि एक अन्य मौत की जांच जारी है। घायलों में से पांच लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। भूकंप के बाद हजारों परिवारों को अपने घर छोड़ने पड़े। प्रशासन के मुताबिक 9,000 से अधिक लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। वहीं 3,500 से ज्यादा घरों में बिजली आपूर्ति अब भी बाधित है। भीषण गर्मी को देखते हुए राहत शिविरों में अतिरिक्त बिजली व्यवस्था और एयर कंडीशनिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि लोगों को राहत मिल सके। सबसे अधिक नुकसान काशिमा कस्बे के एयॉन मॉल में हुआ, जहां भूकंप के बाद विस्फोट और इमारत का हिस्सा ढह गया। हादसे के समय मॉल में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। हालांकि, विस्फोट से पहले करीब 3,000 खरीदारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इसके बावजूद मॉल की दूसरी मंजिल के गिरने से कई लोग मलबे में फंस गए। अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल से सात लोगों के शव बरामद किए गए हैं, जबकि 11 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। लापता लोगों की तलाश अभी भी जारी है। जापानी प्रशासन, आपदा राहत एजेंसियां और बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में अभियान चला रहे हैं। मलबा हटाने, फंसे लोगों को निकालने और प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने का काम तेज़ी से किया जा रहा है। सरकार ने लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों के पास न जाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
