पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन की लहर और चुनावी नतीजों के बाद हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. ताजा मामले में बीजेपी नेता और राज्य के नए राजनैतिक धुरी बने सुवेंदु अधिकारी जी के करीबी निजी सहायक (PA) चंद्र नाथ रथ की मध्यमग्राम में सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई है. चश्मदीदों के मुताबिक वह कुछ लोगों के साथ थे, तभी हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया. इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है और राज्य में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक सिर, सीने और पेट में कई गोलियां लगी हैं. करीब 12 राउंड फायरिंग हुई है. बताया जा रहा है कि हमलावर पीछा करते हुए आए, गाड़ी रुकवाई और फिर लगातार गोलियां चलाईं. बताया जा रहा है कि पहले गाड़ी को ओवरटेक कर रोक गया, उसके बाद लगातार गोलियां चलाई गईं. मामले की सूचना मिलने के बाद सुवेंदु अधिकारी मध्यमग्राम के लिए रवाना हो गए हैं. बताया जा रहा है कि चंद्र नाथ रथ पिछले एक दशक से सुवेंदु के साथ जुड़े हुए थे. बताया जा रहा है कि जिस वक्त इस वारदात को अंजाम दिया गया, नाथ अपने एक साथी के साथ मौजूद थे. बताया जा रहा है कि कुल 12 राउंड गोली चलाई गई. प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक यह कोई साधारण हमला नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी. बीजेपी के वरिष्ठ नेता अर्जुन सिंह ने बताया कि हमलावरों ने पहले चंद्रनाथ की गाड़ी को ओवरटेक कर रुकवाया और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. ताबड़तोड़ फायरिंग में हमलावरों ने करीब 12 राउंड गोलियां चलाईं. चंद्रनाथ के सिर, सीने और पेट में कई गोलियां लगी हैं, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई. इस हमले में उनके साथ मौजूद एक और व्यक्ति के घायल होने की खबर है, हालांकि अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है. बीजेपी नेता अर्जुन सिंह ने इस घटना को एक बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया है. उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, ‘ममता बनर्जी सत्ता से जाते-जाते भी बंगाल का माहौल खराब करना चाहती हैं. यह शार्प शूटरों का काम है और मुझे लगता है कि ममता, सुवेंदु अधिकारी को मरवाना चाहती हैं. आरोप लगाया गया कि अपराधी बॉर्डर पार कर आकर ऐसी घटनाओं को अंजाम देते हैं. ये जिहादियों का काम है. बंगाल को दुरुस्त करने में 2 साल लगेंगे। जुडिशरी को भी दुरुस्त करना होगा। इस इलाके के पास ही बॉर्डर है. आजकल अपराध का सिस्टम बहुत आगे बढ़ गया है. यह बहुत बड़ा हमला है. प्रशासन चुनाव के बाद ढीला पड़ गया है. योगी की तरह यहां भी एक्शन लेना होगा. इनका मकसद बहुत बड़ा है. यह शार्प शूटर का काम है. मैंने पहले भी कहा था कि ममता सुवेंदु को मरवाना चाहती है।’ चंद्रनाथ रथ एयर फ़ोर्स के पुराने कर्मचारी थे। उनका घर ईस्ट मेदिनीपुर के पुलुप इलाके के ईश्वरपुर 5 ग्राम पंचायत इलाके में था। जब शुभेंदु अधिकारी तृणमूल में थे, तब से उनकी जान-पहचान थी। तब से चंद्रनाथ उनके खास विश्वासपात्र थे। चंद्रा का काम खास तौर पर पॉलिटिकल एक्टिविटीज़ को सुपरवाइज़ करना था। 2026 के इलेक्शन प्रोसेस के दौरान यही चंद्रनाथ नंदीग्राम गए थे। इसके अलावा, शुभेंदु के विपक्ष का नेता बनने के बाद, उन्होंने कोलकाता में शुभेंदु अधिकारी के सभी कामों को भी सुपरवाइज़ किया। चंद्रनाथ की माँ उनके परिवार के साथ चांदीपुर में उनके घर पर हैं। जब बंगाल में नई सरकार के शपथ लेने में सिर्फ़ 48 घंटे से कुछ ज़्यादा समय बचा था, तो एक गोलीबारी में चंद्रनाथ का शरीर क्षत-विक्षत हो गया।
