पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के अलीपुर इलाके से एक बेहद सनसनीखेज और डराने वाली खबर सामने आ रही है। अलीपुर कोर्ट के ठीक पास स्थित दक्षिण 24 परगना जिला परिषद की आठ मंजिला इमारत में बुधवार सुबह अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी इमारत काले धुएं के गुबार में तब्दील हो गई। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी हड़कंप और अफरातफरी का माहौल है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब पौने दस बजे (कुछ सूत्रों के अनुसार सुबह 7 बजे) बहुमंजिला इमारत की चौथी मंजिल से धुआं निकलता देखा गया। कुछ ही मिनटों में आग ऊपर की मंजिलों की तरफ फैल गई और सातवीं-आठवीं मंजिल तक पहुँच गई। प्राथमिक तौर पर अनुमान लगाया जा रहा है कि यह आग एयर कंडीशनर (AC) या शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी है। यह इमारत प्रशासनिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यहाँ दक्षिण 24 परगना जिला परिषद के कई अहम सरकारी कार्यालय और पास ही में रजिस्ट्रार ऑफिस भी है। आग के कारण कई महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों के जलकर खाक होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं। ताजा जानकारी के मुताबिक, आग बुझाने और राहत कार्य के लिए दमकल की कम से कम 10 गाड़ियों को लगाया गया है। इमारत के शीशे तोड़कर धुएं को बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, एक व्यक्ति इमारत की सातवीं मंजिल पर फंस गया था, जिसे दड़िए (रस्सी) की मदद से सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश की जा रही है। दमकलकर्मी ऑक्सीजन सिलेंडर और ब्रीदिंग मशीन लेकर रिले सिस्टम के जरिए अंदर फंसे अन्य लोगों की तलाश कर रहे हैं। सुबह 10:30 बजे दफ्तर आने वाले कर्मचारियों को फिलहाल सुरक्षा के मद्देनजर इमारत के अंदर जाने से रोक दिया गया है। इस अग्निकांड ने अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। दरअसल, इस इमारत में बंगाल की राजनीति के चर्चित चेहरे जहांगीर खान का भी दफ्तर है, जहाँ आग लगी है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि हाल ही में ‘पुष्पा’ की गिरफ्तारी के तुरंत बाद ठीक इसी दफ्तर में आग लगना महज एक हादसा है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है? क्या किसी बड़े घोटाले के सबूत मिटाने के लिए यह आग लगाई गई? यह सवाल अब जोर पकड़ने लगा है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता आग पर पूरी तरह काबू पाना और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। आग पूरी तरह बुझने के बाद ही जांच के जरिए स्पष्ट हो पाएगा कि इस घटना के पीछे की असली वजह क्या थी।

By UJAGAR

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