दिल्ली में CJP के संसद मार्च के दौरान आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया। प्रदर्शनकारी संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों का विस्तृत ज्ञापन सौंपा। बैठक के बाद प्रतिनिधियों ने बताया कि सरकार ने उनकी बात गंभीरता से सुनी है, लेकिन किसी भी मांग पर तत्काल निर्णय लेने के बजाय विचार-विमर्श के लिए कुछ समय मांगा है। बैठक के दौरान CJP ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार लागू करने और संबंधित मामलों में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग शामिल है। संगठन का कहना है कि इन मांगों पर स्पष्ट और लिखित आश्वासन मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। संसद के मानसून सत्र और प्रस्तावित मार्च को देखते हुए राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश भी लागू रहे। बैठक के बाद CJP नेताओं ने कहा कि फिलहाल सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार करने का भरोसा दिया है, लेकिन अंतिम फैसला अभी बाकी है। संगठन ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन और विरोध कार्यक्रम जारी रहेंगे।
