संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को NEET पेपर लीक मामले और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्षी दलों के कई सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्ष ने छात्रों के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर संसद में तत्काल चर्चा की मांग की। NEET विवाद को लेकर विपक्ष ने विरोध का नया तरीका अपनाते हुए काले कपड़ों में संसद परिसर में प्रदर्शन किया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। प्रदर्शन के दौरान NEET पेपर लीक और जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों को लेकर आवाज उठाई गई। बुधवार सुबह 11 बजे लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन विपक्ष के हंगामे के चलते सदन की कार्रवाई बाधित हो गई। लोकसभा में करीब एक मिनट की कार्यवाही के बाद ही सदन को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया। राज्यसभा में भी विपक्षी सांसदों ने जमकर विरोध किया, जिसके बाद कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। विपक्षी दलों ने NEET UG पेपर लीक मामले को लेकर संसद में विस्तृत चर्चा कराने की मांग रखी। विपक्ष का कहना है कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले में सरकार को जवाब देना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुद्दे को भी विपक्ष ने सदन में उठाया। वहीं सरकार ने कहा है कि वह NEET समेत सभी जरूरी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष पर हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी को गैर-जिम्मेदार बताते हुए कहा कि छात्रों के मुद्दे पर राजनीति की जा रही है। NEET पेपर लीक का मामला संसद के मानसून सत्र में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। विपक्ष लगातार सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार चर्चा और जांच के जरिए समाधान की बात कर रही है। आने वाले दिनों में भी संसद में इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव जारी रहने के संकेत हैं।
