असम में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम होने लगा है, लेकिन हालात अब भी सामान्य नहीं हुए हैं. इस बीच ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU) ने केंद्र सरकार से असम के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने की अपील की है. समीरन फुकन ने केंद्र सरकार से असम के लिए विशेष राहत पैकेज देने की मांग करते हुए कहा कि जिन लोगों ने इस बाढ़ में अपना घर, खेती, पशुधन और जीवनभर की जमा-पूंजी खो दी है, उन्हें पर्याप्त मुआवजा दिया जाना चाहिए ताकि वे फिर से अपने पैरों पर खड़े हो सकें. उन्होंने कहा कि AASU भी लगातार राहत कार्यों में जुटा हुआ है, लेकिन कई ऐसे गांव हैं जहां अब तक राहत नहीं पहुंच पाई है क्योंकि वहां संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है. उन्होंने कहा, “हम अपनी तरफ से हर संभव प्रयास कर रहे हैं लेकिन कई जगहों पर न तो नाव पहुंच पा रही है और न ही सड़क मार्ग से वाहन जा सकते हैं. ऐसे में राहत पहुंचाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है.” उन्होंने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आए आम लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों का भी आभार व्यक्त किया. सिवसागर जिले में कई इलाकों में बाढ़ का पानी कम होना शुरू हो गया है, लेकिन डोरिका नदी के किनारे स्थित राजाबाड़ी गांव सहित कई गांव अब भी जलमग्न हैं. यहां के लोगों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं. ग्रामीणों के अनुसार, बाढ़ का पानी इतनी तेजी से आया कि लोगों को अपने घरों से सामान निकालने तक का समय नहीं मिला. राजाबाड़ी गांव के निवासी मंगल ग्वाला ने उस भयावह मंजर को याद करते हुए कहा, “सिर्फ एक घंटे के भीतर बाढ़ का पानी हमारे घर में घुस गया. लगभग दो सप्ताह हो चुके हैं. हमें अपना सामान निकालने का मौका ही नहीं मिला. अब पानी कुछ कम हुआ है, लेकिन आज भी मेरे घर के अंदर घुटनों तक पानी भरा हुआ है. फिलहाल हम सड़क पर बनाए गए राहत शिविर में रह रहे हैं.” उन्होंने कहा कि विभिन्न स्थानों से आने वाले लोग लगातार राहत सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे उन्हें काफी मदद मिल रही है. उन्होंने कहा, “हम लोगों को पर्याप्त राहत सामग्री मिल रही है. जो लोग हमारी मदद के लिए यहां पहुंचे हैं, उनके हम आभारी हैं.” भले ही सिवसागर में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतर रहा हो, लेकिन संकट अभी खत्म नहीं हुआ है. हजारों लोग अब भी राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं और कई गांव आज भी जलमग्न हैं. AASU ने केंद्र सरकार से असम के लिए विशेष राहत पैकेज, सभी प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा तथा दीर्घकालिक पुनर्वास योजना लागू करने की मांग दोहराई है, ताकि बाढ़ प्रभावित लोग दोबारा सामान्य जीवन जी सकें.
