संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। एक तरफ संसद भवन में पीएम मोदी की अध्यक्षता में एक अहम बैठक हो रही है।, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष के जोरदार हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। संसद परिसर से लेकर सदन के भीतर तक सरकार और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक टकराहट देखने को मिली। संसद भवन में पीएम मोदी की अध्यक्षता में एक अहम बैठक हो रही है। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल और किरण रिजिजू शामिल हैं। बैठक में मौजूदा राजनीतिक और संसदीय मुद्दों समेत सरकार की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन विपक्षी सांसदों ने शुरुआत से ही जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष सरकार से दो प्रमुख मुद्दों पर जवाब मांगता रहा, जिसके चलते सदन की कार्यवाही बाधित होती रही। लगातार हो रहे हंगामे के कारण अध्यक्ष को कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष का मुख्य विरोध 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बल प्रयोग किया गया। विपक्ष ने इस पूरे मामले पर गृह मंत्री अमित शाह से सदन में विस्तृत बयान देने और चर्चा कराने की मांग की।विपक्ष का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों के साथ हुए व्यवहार पर सरकार को संसद में जवाब देना चाहिए। छात्र आंदोलन के अलावा विपक्ष ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को भी जोर-शोर से उठाया। विपक्षी सांसदों का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर भी सरकार को घेरने की कोशिश की गई। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले सुबह करीब 10:30 बजे विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी इस प्रदर्शन में शामिल हुईं। विपक्षी नेताओं ने कहा कि संसद जनता की आवाज उठाने का मंच है

By UJAGAR

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