पूर्व बर्धमान जिले के ऐतिहासिक सर्वमंगला देवी मंदिर परिसर में हुई चोरी की गुत्थी सुलझाते हुए बर्धमान सदर थाने की पुलिस ने दो शातिर चोरों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस जांच और अपराध स्थल के पुनर्गठन (Crime Scene Reconstruction) के दौरान बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने मंदिर में चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए इंटरनेट और यूट्यूब का सहारा लिया था। जांच में सामने आया है कि 14 जुलाई 2026 को हुई इस चोरी से पहले दोनों आरोपियों ने सर्वमंगला मंदिर परिसर की अच्छी तरह से रेकी की थी। उन्होंने श्रद्धालुओं का भेष बनाकर मंदिर के सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के ब्लाइंड स्पॉट्स और दान-पात्रों (प्रणामी बॉक्स) की जगह चिन्हित की थी। इसके बाद उन्होंने यूट्यूब पर वीडियो देखकर यह सीखा कि भारी तालों को बिना ज्यादा शोर मचाए आसानी से कैसे तोड़ा जा सकता है। योजना के अनुसार 14 जुलाई की रात आरोपी मंदिर परिसर में दाखिल हुए और यूट्यूब पर सीखे तरीके से चार दान-पात्रों के ताले तोड़ दिए। वे दान-पात्रों से 1 लाख रुपये से अधिक का नकद चढ़ावा, सोने-चांदी के गहने और पूजा के बर्तन लेकर फरार हो गए। अगली सुबह घटना की जानकारी मिलते ही बर्धमान सदर थाने की पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी निगरानी और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने सोमवार (27 जुलाई 2026) को दोनों आरोपियों को उत्तर 24 परगना के अशोकनगर और आमडांगा इलाकों से धर दबोचा और बर्धमान अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद बुधवार (29 जुलाई 2026) को पुलिस दोनों आरोपियों को हथकड़ी लगाकर सर्वमंगला मंदिर ले गई और पूरे अपराध का री-कंसट्रक्शन कराया। इस दौरान दोनों ने पुलिस अधिकारियों के सामने कबूल किया कि उन्होंने यूट्यूब ट्यूटोरियल देखकर ही चोरी की इस पूरी वारदात को अंजाम दिया था।

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