फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि रेड सी, ब्लैक सी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज  में भारतीय झंडे वाले जहाजों और भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए भारतीय नौसेना के जहाज और अन्य जरूरी सोर्स तैनात किए जाएं. यूनियन का कहना है कि इन इलाकों में बढ़ते संघर्ष की वजह से अब कमर्शियल शिपिंग रूट बेहद खतरनाक हो गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुधवार (5 अगस्त 2026) को भेजी गई एक जरूरी अपील में यूनियन ने ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के साथ-साथ रूस-यूक्रेन युद्ध का भी जिक्र किया. यूनियन ने कहा कि इन हालात के कारण भारतीय समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर तुरंत कदम उठाने की जरूरत है. FSUI ने अपने लेटर में कहा कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव और रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से कमर्शियल जहाजों के रास्ते अब सक्रिय खतरे वाले क्षेत्र बन गए हैं. मिसाइल और ड्रोन से लगातार मर्चेंट जहाजों पर हमले हो रहे हैं, जिससे भारतीय नाविकों की जान भी खतरे में पड़ रही है. यूनियन ने बताया कि बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट से गुजरते समय एक जहाज पर हमला हुआ था. उसने इस घटना को समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया. FSUI ने सरकार से मांग की कि जब तक संबंधित देशों के बीच स्थायी समझौता नहीं हो जाता, तब तक ब्लैक सी और रेड सी में भारतीय नौसेना की मौजूदगी बढ़ाई जाए. खास तौर पर बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट में भारतीय नाविकों और भारतीय झंडे वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं. इस बीच विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारतीय झंडे वाले जहाज पर हुए हमले की अलग से निंदा की है. मंत्रालय ने बताया कि जहाज पर मौजूद सभी 13 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है. विदेश मंत्रालय के अनुसार, रियाद स्थित भारतीय दूतावास यमन के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और भारतीय क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समन्वय कर रहा है. विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस क्षेत्र में कमर्शियल जहाजों पर लगातार हो रहे हमले बेहद चिंता का विषय हैं. केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी इस हमले की निंदा की. उन्होंने बताया कि उन्होंने समुद्री प्रशासन के महानिदेशालय (DG Shipping) को निर्देश दिए हैं कि वह भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बचाए गए क्रू की हर संभव मदद के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय करे. यमन के विदेश और प्रवासी मामलों के मंत्रालय ने भी भारतीय जहाज पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है. मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि वह हूथी आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता है, जिसमें भारतीय कमर्शियल कार्गो जहाज MSV FAIZE NOORE OLIYA को लाल सागर में निशाना बनाया गया. बयान के अनुसार, इस हमले में विस्फोटकों से भरी नाव का इस्तेमाल किया गया. यमन सरकार ने बचाव अभियान की भी सराहना की और बताया कि जहाज पर मौजूद सभी 14 क्रू सदस्यों, जिनमें 13 भारतीय नागरिक शामिल थे, को सुरक्षित अल-मखा बंदरगाह पहुंचा दिया गया. यमन के विदेश मंत्रालय ने लाल सागर, बाब-अल-मंदेब और अदन की खाड़ी में जहाजों और एनर्जी सप्लाई के रास्तों की सुरक्षा के लिए सऊदी अरब के नेतृत्व वाले बहुराष्ट्रीय रक्षात्मक नौसैनिक गठबंधन को और मजबूत करने की भी अपील की. इसी बीच समुद्री क्षेत्र में तनाव बना हुआ है. बुधवार को यमन के ईरान समर्थित हूथी समूह ने दावा किया कि उसने सऊदी अरब के रेड सी तट पर स्थित यानबू बंदरगाह के पास एक सऊदी तेल टैंकर पर मिसाइल हमला किया है. हूथी सेना के प्रवक्ता याह्या सारी ने यह नहीं बताया कि यह हमला कब किया गया. वहीं, सऊदी अरब की ओर से इस दावे पर तुरंत कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई. 

By UJAGAR

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