नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार को एक बड़ा विमान हादसा टल गया। कुआलालंपुर से कोलकाता आ रही मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट लैंडिंग के लिए नीचे आ रही थी, तभी पायलट की आंखों पर अचानक तेज लेजर बीम पड़ गई। घटना उस वक्त हुई जब विमान एयरपोर्ट के बेहद करीब था। लेजर की रोशनी से पायलट कुछ समय के लिए विचलित हो गया और विमान की लैंडिंग प्रभावित हुई। एयरपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, मलेशिया एयरलाइंस की यह फ्लाइट कुआलालंपुर से 159 यात्रियों को लेकर कोलकाता पहुंची थी। रनवे की ओर बढ़ते समय कॉकपिट में लेज़र की तेज रोशनी पहुंची, जिससे पायलट को परेशानी हुई। लैंडिंग के इस बेहद संवेदनशील चरण में पायलट की विजिबिलिटी प्रभावित होना गंभीर सुरक्षा जोखिम माना जाता है। लेजर बीम की वजह से पायलट के विचलित होने के बाद विमान ने तुरंत लैंडिंग करने के बजाय कुछ समय तक आसमान में चक्कर लगाया। इसके बाद स्थिति सामान्य होने पर विमान ने सुरक्षित तरीके से कोलकाता एयरपोर्ट पर लैंड किया। घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। कोलकाता एयरपोर्ट के आसपास विमानों पर लेजर लाइट पड़ने की घटनाएं पहले भी चिंता का विषय रही हैं। फरवरी 2024 में बेंगलुरु से कोलकाता आ रही इंडिगो की एक फ्लाइट के पायलट की आंखों पर भी लैंडिंग से कुछ समय पहले शक्तिशाली लेजर बीम पड़ी थी। उस विमान में 165 यात्री और छह क्रू सदस्य सवार थे। विमान की लैंडिंग और टेकऑफ के दौरान पायलट को स्पष्ट दृश्यता की जरूरत होती है। अचानक पड़ने वाली तेज लेजर रोशनी कुछ क्षणों के लिए आंखों की रोशनी प्रभावित कर सकती है और पायलट का ध्यान भटका सकती है। यही वजह है कि एयरपोर्ट के आसपास लेजर लाइट के इस्तेमाल को विमान सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा माना जाता है। कोलकाता एयरपोर्ट के आसपास लेजर लाइट और ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर पहले भी अधिकारियों की ओर से सख्ती की बात कही जा चुकी है।
