उत्तराखंड के चमोली टनल हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है. मरनेवालों में दो मजदूर झारखंड के हैं. टीएचडीसी द्वारा निर्माणाधीन विष्णुगढ़ पीपलकोटि जल विद्युत परियोजना की गुरुवार की शाम करीब सात बजे अचानक सुरंग में भू-धंसाव होने से कई मजदूर अंदर फंस गए थे. रात भर चले रेस्क्यू ऑपरेशन में 21 लोगों को बाहर निकाला जा सका है. बीती रात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्तराखंड के सीएम से फोन पर बात कर जानकारी ली थी. साथ ही हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया था. सीएम पुष्कर सिंह धामी भी हालात पर नजर रखे हुए हैं. सुरंग में भू धंसाव होने से काफी मात्रा में मलवा आ गया था जिससे राहत कार्य चलाने में परेशानी हो रही है. राज्य आपातकालीन सेवा के ड्यूटी ऑफिसर अनिल काला ने बताया कि अभी तक कुल 21 मजदूर रेस्क्यू कर लिए गए हैं, जिनमें 7 की मौत की पुष्टि हो गयी है, जबकि 14 मजदूरों का इलाज उत्तराखंड के गोपेश्वर जिला अस्पताल में चल रहा है. उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार, 13 अगस्त की शाम एक टनल में मलबा और पानी घुसने से सात मजदूरों की मौत हो गई. हादसे में 14 लोग घायल हो गए. टनल के अंदर कुल 22 मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से 21 को बाहर निकाल लिया गया है. घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है. एक मजदूर अभी भी टनल के भीतर फंसा हुआ है. NDRF और SDRF की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, हादसा चमोली जिले के पीपलकोटी (मायापुर) में हुआ, जहां ‘टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन’ (THDC) की टनल बन रही है. 13 अगस्त की शाम करीब 6.45 बजे टनल में अचानक बहुत सारा मलबा और पानी घुस गया. उस समय ड्यूटी पर मौजूद मजदूर अंदर फंस गए. हादसे के तुरंत बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. हादसे में जान गंवाने वाले सात मजदूरों में से दो उत्तराखंड, दो झारखंड और एक बिहार के रहने वाले थे, जबकि बाकी दो मृतकों की शिनाख्त की जा रही है. घायल कर्मचारियों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया. अधिकारियों ने बताया कि गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए बड़े मेडिकल सेंटरों में भेजा जाएगा. बाकी लोगों का इलाज गोपेश्वर में किया जा रहा है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं. इससे पहले उन्होंने कहा कि कई कर्मचारियों को बचा लिया गया है और जो लोग अभी भी फंसे हुए हैं, उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है. सीएम धामी ने कहा कि उन्होंने इस घटना के बारे में झारखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से बात की है. उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि वह खुद हालात पर नजर रख रहे हैं और सीनियर अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं. उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे चल रहे बचाव कार्य में कोई देरी या कमी न होने दें और प्रशासन से प्रभावित मजदूरों और उनके परिवारों को हर संभव मदद देने को कहा. अधिकारियों को अभी तक इस हादसे के कारणों का पता लगाना बाकी है.
