पीएम नरेंद्र मोदी ने आज भारत मंडपम में भारत के सदाबहार दोस्त रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया. पीएम मोदी गोल्डन क्रीम कलर के कपड़े में थे जबकि व्लादिमीर पुतिन ब्लैक कलर के सूट में थे. पीएम मोदी ने पुतिन से पहले हाथ मिलाया और गले मिलकर उनका स्वागत किया. पीएम मोदी ने इस दौरान पुतिन को एक पुस्तक भी भेंट की. दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन से पहले पीएम मोदी और पुतिन के बीच मुलाकात हो रही है. दोनों देशों के नेताओं के बीच द्विपक्षीय बातचीत में कई मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है. पुतिन को भेंट की गई पुस्तक का रूसी अनुवाद पीएम मोदी ने भेंट किया है. पीएम मोदी ने कहा कि ये दो हजार साल पुराना ग्रंथ है. इसका रूसी भाषा में अनुवाद किया गया है. ये भारत और रूस के लोगों के लिए पीपल-टू-पीपल कनेक्ट के लिए काफी अहम है. जैसे ही पुतिन पीएम मोदी के पास पहुंचे, दोनों नेताओं ने गले मिले. इस दौरान पुतिन पीएम नरेंद्र मोदी से कुछ कहते नज़र आए. इसके बाद पीएम मोदी ने रूसी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से मुलाकात की. माना जा रहा है कि रूस और भारत के बीच ट्रेड को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने के मुद्दे पर बातचीत होगी. भारत इस वक्त रूस से सबसे ज्यादा तेल ही खरीद रहा है. इसके अलावा दोनों देशों के बीच डिफेंस डील भी होने की उम्मीद है. ईरान युद्ध के दौरान भारत ने सबसे ज्यादा तेल रूस से ही खरीदा था. गौरतलब है कि भारत की मेजबानी में शनिवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में खाद्य, ऊर्जा, स्वास्थ्य, आपदा कम करने के तरीके और महत्वपूर्ण आपूर्ति शृंखलाओं के क्षेत्रों में सामूहिक क्षमता मजबूत करने पर जोर दिए जाने की संभावना है. भारत का प्रयास है कि मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों से निपटने के लिए ब्रिक्स एक प्रभावी मंच साबित हो. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए रूस आने का न्योता दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है।हालांकि, दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में किन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, इसकी पूरी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। द्विपक्षीय बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को तमिल कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध रचना तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया।तिरुक्कुरल तमिल साहित्य की एक बेहद महत्वपूर्ण रचना मानी जाती है। इसे कई बार ‘तमिल वेद’ के नाम से भी संबोधित किया जाता है। इसमें करीब 1,330 दोहे हैं, जिनमें नैतिकता, अच्छे जीवन, शासन, अर्थव्यवस्था, प्रेम और मानवीय मूल्यों जैसे विषयों पर विचार प्रस्तुत किए गए हैं। तिरुक्कुरल का दुनिया की कई भाषाओं में अनुवाद हो चुका है और यह तमिल साहित्य की प्रमुख कृतियों में शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी की ओर से इसके रूसी अनुवाद को राष्ट्रपति पुतिन को भेंट किए जाने को भारत की प्राचीन तमिल संस्कृति और ज्ञान परंपरा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सामने रखने के प्रयास के तौर पर देखा जा सकता है।यह उपहार भारत की सांस्कृतिक विविधता और अलग-अलग भाषाई परंपराओं के महत्व को भी रेखांकित करता है। द्विपक्षीय बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन का एक ही कार में इंडस्ट्रियल एग्जीबिशन पहुंचना भी मुलाकात का खास हिस्सा रहा। इससे पहले दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी से मुलाकात और गले मिलने का दृश्य भी सामने आया।भारत-रूस संबंधों के लिहाज से यह मुलाकात इसलिए भी अहम है क्योंकि दोनों देश लंबे समय से रक्षा और रणनीतिक सहयोग के प्रमुख साझेदार रहे हैं।
