केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार से सिलीगुड़ी के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे आमतौर पर ‘चिकन नेक’ कहा जाता है, की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा उनके दौरे का प्रमुख हिस्सा होगी। इसके साथ ही सीमा सुरक्षा और सशस्त्र सीमा बल (SSB) से जुड़ी परियोजनाओं पर भी चर्चा होगी। सिलीगुड़ी की भौगोलिक स्थिति इसे सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील बनाती है। यह इलाका नेपाल और भूटान की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के करीब है और इन दोनों सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी SSB के पास है। ऐसे में अमित शाह के दौरे के दौरान सीमा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान रहने की संभावना है। अमित शाह गुरुवार शाम चेन्नई से बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद वह सुखना के पास न्यू चुमता में रात बिताएंगे। अगले दिन यानी 21 अगस्त को उनका कार्यक्रम काफी व्यस्त रहेगा। 21 अगस्त को सुबह 11:45 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच अमित शाह सिलीगुड़ी स्थित SSB फ्रंटियर मुख्यालय पहुंचेंगे। यहां विभिन्न परियोजनाओं के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वह जवानों के साथ ‘बड़ा खाना’ में भी हिस्सा लेंगे। इसके बाद अमित शाह कावाखाली मैदान में दोपहर 3 बजे से शाम 4:30 बजे तक भारतीय न्याय संहिता (BNS) से संबंधित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम के बाद वह वापस सुखना लौटेंगे, जहां दो समीक्षा बैठकें प्रस्तावित हैं। दौरे के अंतिम दिन 22 अगस्त को गृह मंत्री दो बैठकों में हिस्सा लेंगे। इसके बाद दोपहर करीब 2 बजे भारतीय वायुसेना के विमान से बागडोगरा एयरपोर्ट से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे। अमित शाह का यह दौरा उनके पिछले सिलीगुड़ी दौरे के करीब एक महीने बाद हो रहा है। जुलाई में उन्होंने झुमागच्छ सीमा चौकी का दौरा कर आधुनिक निगरानी तकनीकों का जायजा लिया था। उस दौरान करीब 77 करोड़ रुपये की BSF परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई थी। उन्होंने यह भी कहा था कि केंद्र की ‘स्मार्ट बॉर्डर’ सुरक्षा व्यवस्था को सबसे पहले बंगाल में लागू किया जाएगा। शाह के सिलिगुड़ी दौरे का राजनीतिक महत्व भी है। दार्जिलिंग पहाड़ियों में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (GJM) के महासचिव रोशन गिरी ने गृह मंत्री से मुलाकात का समय मांगने की बात कही है। GJM क्षेत्र के लिए स्थायी राजनीतिक समाधान (PPS) की मांग उठाने के साथ-साथ GTA को समाप्त करने की मांग भी कर रहा है। संगठन का कहना है कि वह केंद्र और राज्य सरकारों के साथ बातचीत के जरिए इस मुद्दे का समाधान चाहता है। कुल मिलाकर, अमित शाह के इस तीन दिवसीय दौरे में राष्ट्रीय सुरक्षा, ‘चिकन नेक’ की रणनीतिक सुरक्षा, नेपाल-भूटान सीमा प्रबंधन, SSB की परियोजनाओं और दार्जिलिंग पहाड़ियों से जुड़े राजनीतिक मुद्दे प्रमुखता से सामने रहेंगे।

By UJAGAR

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