भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने जिस स्कूल में कभी विद्यार्थी बनकर पढ़ाई की, उसी विद्यालय में सोमवार को शिक्षक की भूमिका में नजर आए। कॉल्विन तालुकेदार्स कॉलेज पहुंचे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की क्लास ली और उनसे लोकतंत्र, चुनाव और मताधिकार जैसे विषयों पर संवाद किया। अपने जमाने के टॉपर रहे ज्ञानेश कुमार ने विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवा पीढ़ी की भूमिका समझाई और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों का जवाब दिया। विद्यालय के पूर्व छात्र रहे ज्ञानेश कुमार के सामने बैठे कई विद्यार्थी आने वाले वर्षों में मतदाता बनने वाले हैं। ऐसे में संवाद के दौरान उन्हें मतदाता के अधिकारों के साथ जिम्मेदारियों के बारे में भी बताया गया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने विद्यार्थियों को मतदान के महत्व से अवगत कराया और कहा कि मजबूत लोकतंत्र के लिए जागरूक मतदाता होना आवश्यक है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के साथ सीधे संवाद में चुनाव प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। विद्यार्थियों ने भी निर्वाचन प्रक्रिया, मतदाता बनने और निष्पक्ष चुनाव से जुड़े सवाल पूछे। ज्ञानेश कुमार ने उनकी जिज्ञासाओं का जवाब देते हुए लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि मतदान केवल एक अधिकार नहीं है, बल्कि देश के भविष्य के निर्माण में भागीदारी का माध्यम भी है। आने वाले समय में मतदाता बनने वाली पीढ़ी को अभी से अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होना चाहिए। वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में मुख्य निर्वाचन आयुक्त का स्कूल के वरिष्ठ विद्यार्थियों से संवाद खास माना जा रहा है। 11वीं और 12वीं के जिन विद्यार्थियों की आयु 18 वर्ष पूरी हो चुकी है या जल्द होने वाली है, उनके लिए मतदाता के रूप में अपनी भूमिका को समझने का यह विशेष अवसर रहा। कॉल्विन तालुकेदार्स कॉलेज ज्ञानेश कुमार का अपना पुराना विद्यालय रहा है। ऐसे में देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में वर्षों बाद उसी परिसर में पहुंचकर विद्यार्थियों के बीच संवाद करना उनके लिए भी खास अवसर रहा। संवाद के बाद उन्होंने विद्यालय परिसर का भ्रमण भी किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य सच्चिदानंद सिंह ने बताया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त का विद्यार्थियों के बीच पहुंचना उनके लिए प्रेरणादायक क्षण है। देश की चुनाव प्रक्रिया का नेतृत्व कर रहे अपने ही विद्यालय के पूर्व छात्र से सीधे संवाद के जरिए विद्यार्थियों को लोकतंत्र और नागरिक दायित्वों को समझने का अवसर मिला।
