इंस्टाग्राम वीडियो, छात्रों-युवाओं से संवाद, कॉलेज-यूनिवर्सिटी का दौरा… बीते कुछ महीनों से भारतीय नेताओं के इस तरह के यूथ आउटरिच प्रोग्राम खूब बढ़े हैं. खास कर NEET पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली में हुए प्रदर्शन के बाद. जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान ही PM मोदी ने देर रात इंस्टाग्राम पर वीडियो डाले. फिर पार्टी नेताओं को भी इंस्टाग्राम पर सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए. जिसके बाद NDA के कई अन्य नेता भी युवाओं से कनेक्ट करते नजर आए. लेकिन ऐसा नहीं है कि पीएम मोदी ने युवाओं से जुड़ने की ये कोई पहली पहल की हो. हकीकत तो यह है कि देश में ‘मोदी मैजिक’ की पहली झलक भी यूथ आउटरिच के एक प्रोग्राम में ही दिखी थी. कहानी 13 साल पहले की है, लेकिन आज इस बात की चर्चा इसलिए क्योंकि पीएम मोदी आज फिर 13 साल बाद उसी मंच पर नजर आने वाले हैं. दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के शताब्दी समारोह में शामिल होने वाले हैं. पीएम मोदी का आज शाम 7 बजे SRCC के मंच से दूसरी बार छात्रों को संबोधित करेंगे. यह ‘दूसरी बार’ ही इस कहानी को एक अलग रूप देती है. बात 13 साल पुरानी है. लेकिन उसका प्रभाव भारतीय राजनीति पर आज भी है. तारीख थी 6 फरवरी 2013, दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के मंच से गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को संबोधित किया था. उस समय 2014 के लोकसभा चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी थी. तब नरेंद्र मोदी ने SRCC के मंच से जो भाषण दिया था, उसने देश की राजनीति की दिशा बदल दी थी. श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के कार्यक्रम से तब के गुजरात सीएम नरेंद्र मोदी गुड गवर्नेंस का नारा दिया था. उन्होंने कहा था, आजादी के 6 दशक बाद भी देश को सुशासन की सरकार का इंतजार है. उन्होंने गुजरात के विकास मॉडल को सुशासन की सरकार का एक अहम पैमाना बताया था. उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा था कि मानव संसाधन को उसकी पूरी क्षमता के साथ इस्तेमाल में लाना एक बड़ी चुनौती है. नरेंद्र मोदी के 2013 वाले श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स का वामपंथी छात्र संगठनों ने सड़कों पर विरोध किया था. लेकिन कॉलेज के अंदर ऑडिटोरियम का नजारा बिल्कुल अलग था. करीब 2,000 छात्र और प्रोफेसर मोदी के स्वागत में खड़े थे और पूरे 75 मिनट तक ऑडिटोरियम तालियों से गूंजता रहा था. तब छात्रों को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने राजनीतिक रूप से विवादास्पद मुद्दों से बचते हुए पूरी तरह से विकास, युवा शक्ति, सुशासन और ब्रांड इंडिया पर फोकस किया था. उन्होंने अपने भाषण में ग्लास का ‘तीसरा नजरिया’ वाला तर्क भी दिया था. छात्रों को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा था कि एक ही चीज को देखने के अलग नजरिए होते हैं. आशावादी को ग्लास आधा भरा दिखता है, निराशावादी को आधा खाली. लेकिन मेरा एक तीसरा नजरिया है— “ग्लास आधा पानी और आधा हवा से भरा है. इसी सकारात्मक ऊर्जा से निराशा का माहौल बदला जा सकता है.” तब मोदी ने छात्रों को एक किस्सा भी सुनाया था कि ताइवान दौरे पर लोगों ने कहा कि भारत सपेरों का देश है. मैंने जवाब दिया, “अब हमारा देश ‘माउस चार्मर’ (कंप्यूटर का माउस चलाने वाला) युवाओं का देश है.” हमारी युवा पीढ़ी अपनी उंगलियों से दुनिया को चला रही है. उन्होंने राजनेताओं पर तंज कसते हुए कहा था कि कई नेता युवाओं को सिर्फ वोट बैंक या ‘न्यू एज वोटर’ समझते हैं, लेकिन मैं उन्हें ‘न्यू एज पावर’ (नई सदी की ताकत) मानता हूं. उन्होंने इसी भाषण में P2G2 मॉडल भी दिया था. कहा था सुशासन के लिए अपना Pro-People Good Governance मॉडल जरूरी है. उन्होंने कहा कि सरकार का काम बिजनेस चलाना नहीं, बल्कि एक बेहतर इकोसिस्टम और सुशासन देना है. उन्होंने ‘मेड इन इंडिया’ की तर्ज पर भारतीय उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग और स्किल (हुनर) व स्पीड (गति) पर जोर दिया था. मेड इन जापान का उदाहरण देते हुए उन्होंने मेड इन इंडिया को ब्रांड बनाने की बात कही थी. इस यूथ कनेक्ट के ठीक 7 महीने बाद, सितंबर 2013 में भाजपा ने आधिकारिक तौर पर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया और फिर 2014 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने पूर्ण बहुमत के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज की. आज पीएम मोदी फिर से श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं तो देखना दिलचस्प होगा कि आज के भाषण में पीएम मोदी क्या कुछ कहते हैं?
