झारखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू का शनिवार देर रात हृदयाघात से निधन हो गया। वह गिरिडीह स्थित अपने आवास पर थे, जहां अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद परिजन उन्हें तत्काल स्थानीय मर्सी अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों के प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। मंत्री की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही थी। स्थिति बिगड़ने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची ले जाना भी संभव नहीं हो सका। निधन की खबर मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी, पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक अस्पताल पहुंचने लगे। घटना के बाद झामुमो कार्यकर्ताओं में शोक की लहर है। सुदिव्य कुमार सोनू ने 2019 में पहली बार गिरिडीह विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। उनके पास पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य, नगर विकास और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी। सुदिव्य कुमार सोनू को झामुमो का प्रमुख नेता माना जाता था। बताया जाता है कि गांडेय विधानसभा सीट से कल्पना सोरेन की जीत में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। वहीं, जेपीएससी और सीजीएल परीक्षा परिणामों में कथित गड़बड़ी को लेकर हुए छात्र आंदोलन के दौरान सरकार और छात्रों के बीच बातचीत में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर गहरा दुख जताया। पार्टी ने कहा कि उनका असामयिक निधन झामुमो परिवार, सरकार और पूरे झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। पार्टी ने उनके संघर्ष, सेवा और योगदान को हमेशा याद रखने की बात कही। सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की खबर के बाद उनके समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता शोक में हैं। उनके आवास और अस्पताल में लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। झारखंड की राजनीति में उनके अचानक निधन को एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।

By UJAGAR

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