BRICS समिट के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया में बढ़ते तनाव और उसके आम लोगों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर तनाव लगातार बढ़ रहा है और इसका सीधा असर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर दिखाई दे रहा है। PM मोदी ने कहा कि हाल के वर्षों में महामारी, जलवायु संबंधी आपदाओं और सप्लाई चेन में आई रुकावटों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दुनिया के देश एक-दूसरे से कितने जुड़े हुए हैं। किसी एक क्षेत्र में पैदा होने वाली चुनौती का असर दूसरे देशों और वहां रहने वाले लोगों पर भी पड़ सकता है। समिट के दूसरे दिन कार्यक्रम की शुरुआत भारत मंडपम में सदस्य देशों के नेताओं के ग्रुप फोटो सेशन के साथ हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोनों ओर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नजर आए।ग्रुप फोटो सेशन के बाद BRICS समिट की बैठकों और विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर चर्चा का सिलसिला आगे बढ़ा। BRICS समिट के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई देशों के नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। कार्यक्रम के अनुसार PM मोदी की 7 देशों के नेताओं के साथ अलग-अलग मुलाकातें प्रस्तावित हैं।इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों, सहयोग और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। BRICS जैसे बहुपक्षीय मंच के दौरान होने वाली ऐसी बैठकें भारत के दूसरे देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। समिट के पहले दिन वर्ल्ड लीडर्स के लिए डिनर का आयोजन किया गया था। इसमें चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस को छोड़कर अन्य सभी वर्ल्ड लीडर्स के शामिल होने की जानकारी सामने आई।अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद समिट में शामिल होने के बाद अपने देश लौट गए थे।  BRICS समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब दुनिया के कई हिस्सों में तनाव और अस्थिरता को लेकर चिंता बनी हुई है। PM मोदी ने महामारी, जलवायु आपदाओं और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों का उल्लेख करते हुए वैश्विक स्तर पर सहयोग और आपसी निर्भरता की अहमियत को सामने रखा।उनके बयान का प्रमुख फोकस यह रहा कि वैश्विक स्तर पर होने वाली घटनाओं का प्रभाव केवल सरकारों या अर्थव्यवस्थाओं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका असर सीधे आम लोगों के जीवन पर भी पड़ता है।

By UJAGAR

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *