पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार हसिरानी रथ का नामांकन पत्र दाखिल कराने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी मंगलवार को स्वयं पहुंचे। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद अधिकारी ने स्थानीय लोगों को भरोसा दिलाया कि नंदीग्राम में बीजेपी इतने बड़े अंतर से जीत हासिल करेगी जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। उन्होंने इस मौके पर क्षेत्र के मतदाताओं से सीधे संवाद किया और उपचुनाव को लेकर अपनी बात रखी। अधिकारी का नंदीग्राम पहुंचना इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह सीट उनके लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील रही है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर पार्टी की तैयारियों का जायजा लेते हुए कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि छह अक्टूबर का मतदान पार्टी के लिए निर्णायक साबित होगा। सुवेंदु अधिकारी ने मुस्लिम मतदाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि छह अक्टूबर का मतदान उनके लिए एक परीक्षा की तरह है। उन्होंने स्पष्ट पूछा कि वे बीजेपी सरकार का समर्थन करेंगे या नहीं। अधिकारी ने कहा कि अल्पसंख्यकों को इसका जवाब वोट के जरिए देना होगा। उन्होंने आगे कहा कि अगर मुस्लिम मतदाता सरकार के साथ मिलकर काम करना और उसका लाभ लेना चाहते हैं तो इसका फैसला उपचुनाव में वोट डालकर करना होगा। अधिकारी ने पास या फेल होने का फैसला पूरी तरह मतदाताओं पर छोड़ने की बात कही। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार और मुख्यमंत्री के साथ खड़े रहने या न रहने का निर्णय वोट के माध्यम से ही लिया जाएगा। इस बयान ने चुनावी चर्चा को नया मोड़ दे दिया है। पश्चिम बंगाल की पूर्व मेदिनीपुर जिले की नंदीग्राम और मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस साल के शुरू में हुए विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत हासिल की थी। उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखते हुए नंदीग्राम सीट से इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले दो हजार इक्कीस के विधानसभा चुनाव में अधिकारी ने नंदीग्राम में तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी को करीब दो हजार वोटों के अंतर से हराया था। वहीं रेजीनगर सीट पर आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने रेजीनगर के साथ नउदा सीट से भी जीत हासिल की थी और बाद में रेजीनगर सीट छोड़ दी थी। इन दोनों रिक्त सीटों पर अब उपचुनाव होना तय हुआ है। बीजेपी ने नंदीग्राम सीट पर सुवेंदु अधिकारी के पूर्व सहयोगी चंद्रनाथ रथ की माता हसिरानी रथ को अपना उम्मीदवार बनाया है। चंद्रनाथ रथ की इस साल मई में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद छह मई को अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो कर रहा है। हसिरानी रथ का नामांकन पार्टी के लिए भावनात्मक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों सीटों पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है जिस कारण इन क्षेत्रों में चुनावी समीकरण संवेदनशील बने हुए हैं। बीजेपी इस उम्मीदवारी के जरिए स्थानीय स्तर पर सहानुभूति और समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है। सुवेंदु अधिकारी के इस बयान ने बंगाल के चुनावी माहौल में नई बहस छेड़ दी है। विपक्षी दल इसे मुस्लिम मतदाताओं को लेकर दिए गए राजनीतिक संदेश के रूप में देख रहे हैं जबकि बीजेपी इसे सामान्य चुनावी अपील और समर्थन जुटाने की रणनीति बता रही है। छह अक्टूबर को होने वाला मतदान अब राजनीतिक दृष्टि से और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। दोनों सीटों पर मुस्लिम वोटों की निर्णायक भूमिका हो सकती है इसलिए सभी दल अपनी रणनीति उसी के अनुरूप बना रहे हैं। इस उपचुनाव के नतीजे राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और आगे की रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं। नंदीग्राम जैसी संवेदनशील सीट पर परिणाम पूरे राज्य की राजनीति के लिए संकेत देने वाला साबित हो सकता है।
