91 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी के मामले में प्रधान नगर थाने की पुलिस ने एक निजी बैंक के डिप्टी ब्रांच मैनेजर अनिर्वान सिकदार (36) को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने फर्जी पते पर युवती के नाम से बैंक खाता खोलने और साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में अहम भूमिका निभाई थी। पुलिस ने शुक्रवार देर रात उसे बर्दमान रोड स्थित बैंक कार्यालय से गिरफ्तार किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार युवती मनीषा मंडल (19) से रिमांड के दौरान पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली थी। इसके आधार पर बैंक अधिकारी की भूमिका की जांच शुरू की गई। जांच में पता चला कि अनिर्वान ने किसी तीसरे व्यक्ति के कहने पर आवश्यक जांच-पड़ताल किए बिना समर नगर के फर्जी पते पर मनीषा के नाम से बैंक खाता खोला था। खाता खुलने के महज एक दिन बाद ही उसमें साइबर ठगी के 91 लाख 21 हजार 808 रुपये ट्रांसफर किए गए। बाद में रकम निकालकर खाते को बंद कर दिया गया।बताया गया है कि खाता खोलने के समय अनिर्वान सेवक रोड स्थित बैंक शाखा में कार्यरत था। पदोन्नति के बाद वह बर्दमान रोड स्थित गोल्डेन प्लाजा बिल्डिंग की मुख्य शाखा में डिप्टी ब्रांच मैनेजर के पद पर तैनात था। पुलिस ने उसके खिलाफ फर्जी तरीके से बैंक खाता खोलने और साइबर ठगी के नेटवर्क में संलिप्तता के आरोप में मामला दर्ज किया है। गौरतलब है कि प्रधान नगर थाना पुलिस ने ऑपरेशन साइबर प्रहार के तहत 26 अक्टूबर को मनीषा मंडल को गिरफ्तार किया था। सोशल मीडिया पर वीडियो कॉल के जरिए लोगों को ब्लैकमेल कर रुपये वसूलने का मामला सामने आया था। नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर सितंबर में दर्ज शिकायत के आधार पर पुलिस करीब एक महीने से जांच कर रही थी। पुलिस अब गिरफ्तार बैंक अधिकारी से पूछताछ के लिए अदालत से रिमांड की मांग करेगी। साथ ही ठगी की रकम के लेनदेन और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

By UJAGAR

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