तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी मंगलवार को कोलकाता के मध्य क्षेत्र स्थित शेक्सपियर सरणी थाने पहुंचे। पूछताछ के बाद थाने से बाहर निकले अभिषेक ने अपने खिलाफ दर्ज मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया। अभिषेक बनर्जी जब पुलिस स्टेशन पहुंचे तो समर्थकों ने नारे लगाए। तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता ने मीडिया से कहा, ‘जब तक हमारे जनरल सेक्रेटरी पुलिस स्टेशन के अंदर हैं, हम सभी वहीं जमा रहेंगे।’ अभिषेक बनर्जी के पर्सनल असिस्टेंट सुमित रॉय को भी बुधवार दोपहर तक उसी पुलिस स्टेशन में पेश होना है। पार्टी के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन को सोमवार को इसी थाने में पेश होना था और इसी मामले में पूछताछ का सामना करना था, लेकिन वे पेश नहीं हुए। इसके बजाय उनके वकील ने कोलकाता पुलिस को एक पत्र भेजकर पेश होने के लिए सात दिन और मांगे। कोलकाता पुलिस ने उन्हें सात दिन देने से इनकार कर दिया और ओ’ब्रायन को दूसरा नोटिस भेजकर बुधवार दोपहर तक उसी पुलिस स्टेशन में पेश होने को कहा। 27 अगस्त को कैमैक स्ट्रीट पर तनाव फैल गया, जब कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (केएमसी) के कर्मचारी पुलिसकर्मियों के साथ अभिषेक बनर्जी के ऑफिस में अवैध बिलबोर्ड हटाने पहुंचे। केएमसी कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को अभिषेक बनर्जी, ओ’ब्रायन और तृणमूल कांग्रेस के अन्य नेताओं के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। पुलिस और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई भी हुई। इस थाने में दर्ज तीन एफआईआर में शहर की पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने और एक महिला पुलिस अधिकारी की गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। दर्ज की गई तीन एफआईआर में से दो में बनर्जी, ओ’ब्रायन और तृणमूल कांग्रेस के अन्य नेताओं का नाम शामिल है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया है।

By UJAGAR

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