पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और ममता बनर्जी के करीबी आशीष बनर्जी का शव मिलने से सनसनी फैल गई. टीएमसी नेता के आत्महत्या करने की आशंका जताई जा रही है. उनका शव बीरभूम जिले में पार्टी कार्यालय में फंदे से लटका मिला.  इसको लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इशारों में बीजेपी को घेरा. उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना को और भी दर्दनाक बनाने वाली बात यह है कि अपने आखिरी दिनों में उन्हें कितना ज्यादा मानसिक और भावनात्मक तनाव झेलना पड़ा होगा. ममता बनर्जी ने एक्स पोस्ट में कहा, “आशीष बनर्जी के निधन से मुझे गहरा दुख पहुंचा।. उन्होंने अपना ज्यादातर जीवन लगन से पढ़ाने और समाज की सेवा करने में बिताया. वे हमेशा अपने विनम्र स्वभाव और रामपुरहाट व बीरभूम के लोगों के साथ अपने करीबी रिश्तों के लिए जाने जाते थे.” उन्होंने कहा, ”5 बार विधायक, पूर्व डिप्टी स्पीकर और चेयरमैन रहे आशीष दा ने रामपुरहाट के विकास के लिए खुद को समर्पित कर दिया था और लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण काम किए थे. इतने काम करने के बावजूद, उन्हें बार-बार बदनाम किया गया, उन पर झूठे आरोप लगाए गए और लगातार दबाव डाला गया.” टीएमसी प्रमुख ने कहा, ”जन-सेवा के इतने लंबे रिकॉर्ड के बावजूद उन्हें जिस तरह की प्रताड़ना और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा, वह हम सभी को सोचने पर मजबूर करता है कि लगातार राजनीतिक दुश्मनी की मानवीय कीमत क्या होती है.” ममता ने कहा, ”उनके परिवार, चाहने वालों, पूर्व छात्रों और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं. उनकी कमी हमेशा बहुत खलेगी।’ आशीष बनर्जी की मौत पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि क्या बनर्जी को किसी ने धमकी दी थी, इसकी जांच कराई जाएगी. आशंका जताई कि टीएमसी के भीतर के भ्रष्ट तत्वों ने शायद आशीष बनर्जी को धमकी दी होगी. शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ‘‘आशीष बनर्जी के लेटरहेड पैड पर सुसाइड नोट की जांच कराई जाएगी. लिखावट की भी जांच कराई जाएगी।’  आशीष बनर्जी 74 वर्ष के थे. उनके परिवार में पत्नी और एक बेटा हैं. कथित सुसाइड नोट में बनर्जी ने कहा है कि उनकी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है. उन्होंने राजनीति में आने पर अफसोस जताया.

By UJAGAR

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