दूसरे फेज की वोटिंग (बंगाल चुनाव 2026) में सिर्फ 12 घंटे बचे हैं। उससे पहले, कमीशन ने फिर से फेरबदल किया है। फलता के जॉइंट BDO सौरभ हाजरा को हटा दिया गया है। उन्हें उत्तर प्रदेश के पुलिस ऑब्जर्वर अजय पाल शर्मा के साथ सहयोग न करने के आरोप में हटाया गया। BDO को पुरुलिया भेजा गया है। चुनाव (बंगाल चुनाव 2026) का दूसरा फेज फाल्टा में है। उससे पहले, कमीशन ने उत्तर प्रदेश के ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ IPS ऑफिसर अजय पाल शर्मा को फलता का पुलिस ऑब्जर्वर बनाया है। ‘सिंघम’ अजय ने काम भी शुरू कर दिया है। वे विवादों में रहे हैं। वे तृणमूल कैंडिडेट जहांगीर को चेतावनी देते दिखे थे। इस बार, कमीशन ने जॉइंट BDO सौरभ हाजरा को उनके साथ सहयोग न करने के आरोप में हटा दिया है। उन्हें पुरुलिया भेजा गया है। गौरतलब है कि सोमवार के बाद आज यानी मंगलवार को पुलिस ऑब्जर्वर ‘सिंघम’ अजय पालशर्मा फिर से तृणमूल कांग्रेस कैंडिडेट जहांगीर खान के मोहल्ले में गए थे। और वहां जहांगीर ने उनसे भिड़ गए! अजय पाल शर्मा को ‘जय बांग्ला’ के नारों से घेर लिया गया। तृणमूल कार्यकर्ताओं ने उनके चारों ओर ‘गो बैक’ के नारे भी लगाने शुरू कर दिए। और इस विरोध के कारण अजय पाल शर्मा की कार और आयोग की कई गाड़ियां फंस गईं। तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान ने आरोप लगाया कि पुलिस ऑब्जर्वर BJP के प्रभाव में काम कर रहे हैं। इलाके में योजनाबद्ध तरीके से दहशत का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “इस तरह डरा-धमकाकर वोटिंग को प्रभावित नहीं किया जा सकता। फाल्टा के लोग लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देंगे। उन्होंने यह भी कहा, “फाल्टा में किसी की भी ताकत नहीं है, तृणमूल हारेगी।”
