पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। ऐसे में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा किया। मुख्यमंत्री सबसे पहले पश्चिम मेदिनीपुर के सबंग हेलीपैड पहुंचे। यहां वे प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ से हुए नुकसान, राहत कार्यों और प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने की स्थिति की समीक्षा किया। समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि केलघाई और आसपास की नदियों के उफान के कारण क्षेत्र की 5 से 6 ग्राम पंचायतों के करीब 50,000 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 4,000 से 5,000 लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं, जबकि बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में 2 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। सबंग से नारायणगढ़ के लिए रवाना होते समय मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से जलमग्न गांवों, खेतों और बस्तियों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान बाढ़ की वास्तविक स्थिति और प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया गया है।नारायणगढ़ हेलीपैड पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों से मुलाकात किया। उनकी समस्याएं सुनने के साथ राहत एवं सहायता की स्थिति की भी जानकारी ली गए। नारायणगढ़ से हेलीकॉप्टर के जरिए आरामबाग के लिए रवाना हुए। रास्ते में बाढ़-प्रभावित इलाकों का हवाई निरीक्षण किया। आरामबाग पहुंचने के बाद नदियों के बढ़े जलस्तर और जलभराव से उत्पन्न स्थिति को लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक हुआ। राहत, बचाव और प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक तैयारियों की भी समीक्षा की गई है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन, स्वास्थ्य, सिंचाई, पीएचई, बिजली विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। उन्होंने निर्देश दिया कि राहत शिविरों में रहने वालों की सभी आवश्यक जरूरतों का ध्यान रखा जाए। राहत सामग्री वितरण में कोई बाधा न आए। सभी प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए। चिकित्सा सेवाएं लगातार जारी रहें। बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द सामान्य की जाए। मुख्यमंत्री के अनुसार, बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं:

  • सबंग ब्लॉक की 5 ग्राम पंचायतें
  • भगवानपुर ब्लॉक की 4 ग्राम पंचायतें
  • मयना ब्लॉक की 1 ग्राम पंचायत
  • पोटाशपुर-1 की गोकुलनगर ग्राम पंचायत

इन इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग और जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि जलमग्न फसलों का तत्काल सर्वेक्षण कराया जाए। उन्होंने कहा कि नुकसान का आकलन कर फसल बीमा और मुआवजा प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी, ताकि प्रभावित किसानों को राहत मिल सके। सबंग में समीक्षा बैठक और बाढ़ प्रभावित इलाकों के निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी हेलीकॉप्टर से हुगली जिले के आरामबाग के लिए रवाना हो गए, जहां वे बाढ़ की स्थिति को लेकर एक और प्रशासनिक समीक्षा बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जलस्तर कम होते ही क्षतिग्रस्त सड़कों, सार्वजनिक ढांचों और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

By UJAGAR

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